मेरठ।
एनसीआर में दस साल पुराने डीजल वाहनों पर रोक के आदेश की जद में ट्रैक्टरों के आने से किसानों में रोष है। आरटीओ और पुलिस कर्मियों द्वारा ट्रैक्टरों का चालान काटे जाने से गुस्साई भाकियू ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर धरना दिया। पुलिस ने मुख्य गेट पर कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया तो दोनों तरफ से जमकर तीखी झड़प हुई। किसान नारेबाजी करते हुए ट्रैक्टर लेकर अंदर घुस गए और धरना चालू कर दिया। दोपहर के भोजन के लिए कढ़ाई भी चढ़वा दी।
एनजीटी ने एनसीआर में दस साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक लगा रखी है। इस आदेश की जद में ट्रैक्टर भी शामिल है। आरटीओ और पुलिस कर्मियों द्वारा ट्रैक्टरों को रोके जाने के विरोध में भाकियू ने मंगलवार को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन का आह्वान किया था। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू कार्यकर्ता पुराने ट्रैक्टरों के साथ पूर्वाह्न 11 बजे कलक्ट्रेट पहुंच गए। गेट पर खड़े पुलिस कर्मियों ने ट्रैक्टरों को अंदर जाने से रोका तो कार्यकर्ता पुलिस से भिड़ गए। धक्का मुक्की के बाद किसानों ने जबर्दस्ती गेट खुलवा लिया और सभी ट्रैक्टर लेकर अंदर चले गए।
मंडल अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने कहा कि एनसीआर में दस साल पुराने ट्रैक्टरों पर रोक से किसान परेशान हैं। खेतों की जुताई के लिए किसान किसी तरह कर्ज आदि लेकर पुराना ट्रैक्टर खरीदता है। साल में दो चार बार ही वह शहर में ट्रैक्टर लेकर आता है। इसके बावजूद सरकार ने एनजीटी के आदेश से ट्रैक्टर को बाहर कराकर किसानों को राहत देने का काम नहीं किया है। जिला संगठन मंत्री संजय दौरालिया ने सरकार से किसानों को इस मामले में राहत दिलाने की मांग की। शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 8 सूत्रीय मांग ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। ज्ञापन में ट्रैक्टरों पर लगाई रोक खत्म कराने, गेहूं की खरीद पर 200 रुपये प्रति कुंतल बोनस दिलाने, गन्ने का भुगतान ब्याज सहित कराने आदि की मांग की गई है। करीब तीन बजे किसान धरना खत्म कर लौट गए। इस मौके पर जिला महासचिव सत्यवीर जंगेठी, विनोद जिटौली, नरेश चौधरी, नवाब सिंह अहलावत, बाबा इलम सिंह, राजकुमार करनावल, अनुज त्यागी, इमरान खान, धीर सिंह नंगला आदि मौजूद रहे।
कढ़ाई चढ़वाकर बनाई पूड़ी
किसान धरने में पूरी तैयारी के साथ पहुंचे थे। भोजन के लिए कढ़ाई, गैस चूल्हा और सभी सामग्री साथ लेकर गए थे। धरना स्थल पर ही कढ़ाई चढ़वाकर पूड़ी सब्जी तैयार कराई गई। दोपहर को सभी किसानों ने वहीं खाना खाया।