मेरठ। आवास-विकास परिषद के अधिकारियों ने सोमवार को सेंट्रल मार्केट में कैलाश डेयरी पर अवैध निर्माणाधीन भवन पर नोटिस चस्पा किया। उच्च न्यायालय ने यहां कई प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने के आदेश दे रखे हैं। जिसके बाद भी सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण जारी है। डेयरी संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई है।
कैलाश डेयरी के द्वितीय तल पर पिछले एक सप्ताह से निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के चलते आवास विकास अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई थी। सोमवार को विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई करते हुए डेयरी पर नोटिस चस्पा कर दिया। खंड-8 के अधिशासी अभियंता दीप कुमार गुप्ता ने बताया कि भूखंड संख्या सेंट्रल मार्केट 11/2 पर 2003 में भी अवैध निर्माण को लेकर नोटिस दिया था। जबकि 2014 में न्यायालय ने ध्वस्तीकरण के आदेश दिए। चुनाव के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है। लेकिन फिलहाल डेयरी पर नोटिस चस्पा कर 14 नवंबर तक का समय दिया गया है। 14 नवंबर तक भवन मालिक द्वितीय तल पर निर्माणाधीन भवन को नहीं गिराता है, तो इस भवन पर ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई होगी। परिषद ने कैलाश डेयरी मालिक जितेंद्र अग्रवाल का नाम नोटिस में अंकित किया है। जबकि कानूनी कार्रवाई करने के लिए नौचंदी थाने में तहरीर दी है। मामला एक भाजपा विधायक से जुड़ा होने के कारण एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई। जिसको लेकर विभागीय अधिकारियों ने एसएसपी को प्रार्थनापत्र दिया। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता एसपीएन सिंह का कहना है कि अवैध निर्माण करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
खास बात
- हाईकोर्ट के ध्वस्तीकरण के आदेशों के बाद भी जारी था निर्माण कार्य
- परिषद अधिकारियों ने डेयरी संचालक के खिलाफ दी तहरीर