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कर्मचारी हड़ताल पर, नहीं चली 60 रोडवेज बसें, यात्री परेशान

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मेरठ। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के धरने का असर बसों के संचालन पर दिखाई देने लगा है। शनिवार को करीब 60 बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की मेरठ शाखा के कर्मचारियों ने शनिवार को एआरएम मेरठ ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। अध्यक्षता शाखा अध्यक्ष आदेश कुमार ने की और संचालन शाखा मंत्री सतेंद्र कुमार ने किया। संगठन सदस्य चालकों और परिचालकों के धरने में पहुंचने के चलते बसों का संचालन प्रभावित हो गया। सतेंद्र कुमार ने बताया कि मांग है कि संगठन के पदाधिकारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए। डिपो के वीएआई को हटाया जाए। डीजल औसत कम लोड फैक्टर में कटौती बंद की जाए। महिला परिचालकों के प्रति अच्छा व्यवहार किया जाए। प्रभारी का कार्य वरिष्ठता के आधार पर किया जाए। वाहन ड्यूटी एलाटमेंट सूची पहले दिन चस्पा की जाए। अभी तक हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया है। कर्मचारियों के धरने पर होने के कारण दिल्ली, बिजनौर, कोटद्वार, हरिद्वार, शामली आदि रूट की बसें प्रभावित हो रही हैं। शनिवार को कर्मचारी नेताओं ने धरने को स्थगित करते हुए आगामी 23 अक्तूबर को सभी डिपो और वर्कशाप के कर्मचारियों का विशाल धरना आयोजित करने का एलान किया। धरने को क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, क्षेत्रीय मंत्री लाखन सिंह, राजेंद्र सिंह, विजय सिंह राणा, हरेंद्र गुप्ता, ब्रह्मपाल, सुनील कुमार, धूम सिंह, अनिल कुमार, राकेश गुप्ता, सहंसर पाल, धर्मपाल, विनोद कुमार ने संबोधित किया।
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