ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने शॉप्रिक्स मॉल के पास स्कूटी सवार दो व्यापारियों समेत तीन लोगों से 3.80 लाख रुपये के दो हजार के नए नोट बरामद किये हैं। पुलिस का दावा है कि ये रकम बंद हो चुके पुराने नोटों के बदले 60 प्रतिशत कमीशन पर बदली जानी थी। इन नए नोटों के बदले नौ लाख के पुराने नोट लिए जाने थे। व्यापारी नेता भी थाने पहुंच गए । रात को पुलिस ने बरामद रकम सीज कर तीनों को निजी मुचलकों पर छोड़ दिया। इंकम टैक्स विभाग को सूचना दी गई है आगे की जांच वहीं करेगी।
बुधवार शाम को ब्रह्मपुरी थाना पुलिस शॉप्रिक्स माल पर चेकिंग कर रही थी। इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी दिनेश सिंह के अनुसार इसी दौरान सूचना मिली कि शॉप्रिक्स माल के पास कुछ लोग बंद हो चुके पुराने नोट के बदले नए नोटों का लेन देन करने वाले हैं। इसी सूचना पर पुलिस ने स्कूटी सवार तीन लोगों को रोककर तलाशी ली । उनके पास से 3.80 लाख रुपये के नए नोट बरामद हुए । ये सभी नोट दो -दो हजार रुपये के थे। इंस्पेक्टर के अनुसार पकड़े गए युवकों में माधवपुरम निवासी व्यापारी राजीव गुप्ता ,मोदीनगर निवासी सौरभ त्यागी और दाल मंडी देहली गेट निवासी सचिन कुमार हैं। उनसे रकम के बारे में पूछा गया तो ये कोई ठोस जानकारी नहीं दे सके। बताया कि वह ब्याज के लिए लाए हैं। इंस्पेक्टर ने दावा किया कि आरोपी 60 प्रतिशत कमीशन में पुराने नोट बदलते हैं। 3.80 लाख रुपये के नए नोटों के बदले इन लोगों को नौ लाख के पुराने नोट लेने थे ।
लेकिन पार्टी वहां नहीं पहुंची और ये पकड़े गए। पूछताछ में ये लोग ना तो ये बता सके कि ये नए नोट कहां से लाए थे और ना ही यह बताया कि इन नोटों की सप्लाई किसे देनी थी। इंकम टैक्स विभाग को सूचना दे दी गई है वही इसकी जांच करेगा। हालांकि सचिन का इस मामले से कोई लेना देना नही है। वह राजीव का परिचित है और उसके साथ स्कूटी पर आ गया था। देर रात संयुक्त व्यापार संघ के नेता नवीन गुप्ता व्यापारी नेताओं के साथ थाने पहुंचे और जानकारी ली इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया।
पुलिस का दावा सेल्समैन सौरभ है मास्टर माइंड
मेरठ। इंस्पेक्टर के अनुसार राजीव गुप्ता बर्तन व्यापारी है। उसकी बर्तनों की दुकान है। जबकि सौरभ उसकी दुकान के सामने ही एक दुकान पर सेल्समैन है। सचिन राजीव का रिश्तेदार है ,हालांकि उसे इन सबके बारे में ज्यादा नहीं पता। इंस्पेक्टर का दावा है कि सेल्समैन सौरभ ही इन सबका मास्टर माइंड है। वह कहता था कि उसके किसी साथी की आरबीआई में जान पहचान है। उसके जरिए ही वह पुराने बदलवा सकता है। सौरभ ने ही राजीव को लालच में फंसाया और रकम का इंतजाम करने को कहा। सचिन राजीव का रिश्तेदार है। ये लोग ऐसे लोगों की तलाश करते थे जिनके पास 1000-500 के बंद हो चुके पुराने नोट हैं लेकिन इंकम टैक्स आदि से बचने को उन्होंने ये रकम बैंक में जमा नहीं कराई। ऐसे लोगों से संपर्क कर 60 प्रतिशत कमीशन में पुराने नोट के बदले नए नोट देने का आफर दिया जाता था। यानि एक लाख के पुराने नोट लेकर 40 हजार के नए नोट बदले में देते थे। पूछताछ में ये जानकारी मिली है।
इंकम टैक्स विभाग करेगा जांच
मेरठ। एडीएम फाइनेंस और इंकम टैक्स विभाग को सूचना दे दी गई है। एडीएम ने निर्देशित किया था कि नोटों के बारे में जांच इंकम टैक्स विभाग द्वारा की जाएगी। उनके दिशा निर्देशों के बाद ही आरोपियों को निजी मुचलके पर छोड़ा गया है। बरामद कैश सीज कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई इंकम टैक्स विभाग करेगा।
दिनेश सिंह, इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी
थाने में जानकारी लेने गया था
मेरठ। कु छ व्यापारियों से जानकारी मिली थी कि पुलिस ने नए नोटों के साथ एक व्यापारी को पकड़ा है। मामला व्यापारी का था इसलिए वह ब्रह्मपुरी थाने में मामले की जानकारी करने गया। वह अपनी गाड़ी से गए और वापस आ गये। वह किसी को थाने से छुड़वाकर नहीं लाए ।
नवीन गुप्ता अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ मेरठ
पहले भी पकडे़ जा चुके हैं नए नोट
मेरठ। इससे पहले भी सिविल लाइन थाना पुलिस ने मेघदूत पुलिया से दो हजार के एक ही सिरीज के लाखों नए नोटों के साथ चार लोगों को पकड़ा था, लेकिन अगले ही दिन मामला इंकम टैक्स की जांच का शांति भंग में मामला दर्ज कर उन्हें छोड़ दिया था। इससे पहले सिंचाई विभाग एक्सिएन के सरकारी आवास से भी दो हजार के नए नोट बरामद हुए थे लेकिन आज किसी भी मामले मेें ये नहीं पता चला कि ये नई करेंसी कहां से किस बैंक से आई और इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था।
पीवीएस माल के पास कार से तीन लाख बरामद
मेरठ।ं स्पेक्टर मेडिकल के अनुसार उड़न दस्ता प्रभारी उमेश कुमार की टीम पीएसी माल के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक कार को चेक किया गया तो उसमें से तीन लाख रुपये कैश मिला। इसमें नए नोटों के अलावा 100 के नोट भी थे। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम राकेश और जितेंद्र बताया। उडन दस्ता प्रभारी उमेश कुमार के अनुसार वह कैश से संबंधित ठोस जानकारी नहीं दे सके। केवल एक बैंक स्लिप उनके पास थी।
राकेश ने बताया कि वह बिजली बंबा क्षेत्र के प ास एक पेट्रोल पंप का मैनेजर है। यह कैश तेल की बिक्री का है जिसे वह बैंक में जमा कराने जा रहे थे। जिसकी स्लिप उन्होंने दिखाई। टीम प्रभारी के अनुसार एडीएम से वार्ता के बाद इस कैश को कोषागार में जमा करा दिया गया। निर्वाचन आयोग द्वारा गठित टीम जांच करेगी इसके बाद ही इस कैश के बारे में निर्णय लिया जाएगा।