सरधना। नगर में डेयरियों से गोबर बहाने पर अटे पड़े नाले और बंद पड़ी निकासी। संवाद
तय समय में जुर्माना जमा न करने पर पशु किए जाएंगे जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। नगर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डेयरियों से फैल रहे प्रदूषण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर पालिका ने नियमों का उल्लंघन कर रही करीब 60 डेयरियों को चिह्नित करते हुए उन पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई तेज कर दी है। पालिका की ओर से डेयरी संचालकों को लगभग 12 लाख रुपये की वसूली के लिए अंतिम नोटिस जारी किए गए हैं।
नगर में डेयरियों से निकलने वाला गोबर और गंदा पानी नालों के जरिए कालंद चुंगी, नंगला रोड, नई बस्ती, धर्मपुरा क्षेत्र में जमा हो रहा था। इससे क्षेत्र में जलभराव और दुर्गंध की समस्या लगातार बढ़ती जा रही थी। हालात इतने खराब हो गए कि परेशान लोगों ने अपने मकानों पर बिकाऊ के पोस्टर तक लगा दिए। शिकायतें बढ़ने पर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की।
एसडीएम सरधना उदित नारायण सेंगर ने बताया कि एनजीटी के निर्देशों का पालन हर हाल में कराया जाएगा। तय समय में जुर्माना जमा न करने वाले डेयरी संचालकों के पशु जब्त किए जाएंगे और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नगर पालिका की जांच में सामने आया कि कई डेयरियों द्वारा पशुओं का मलमूत्र खुलेआम नालियों में बहाया जा रहा है। यह गंदगी आगे जाकर हिंडन नदी को भी प्रदूषित कर रही है।
नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी दीपिका शुक्ला ने बताया कि सर्वे के आधार पर प्रति पशु प्रतिदिन पांच रुपये यूजर चार्ज तय किया गया है। सभी संबंधित डेयरी संचालकों को दो सप्ताह के भीतर राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय के बाद बकाया की वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।