मेरठ। दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल के संचालन के लिए एनसीआरटीसी की तरफ से टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई के बीच कार्य शुरू किया जा चुका है। वहीं, अगले चरणों में समय पर कार्य कराने के लिए अन्य कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।
82 किलोमीटर के रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए नवंबर माह में छह टेंडरों की बोली लगाई जाएगी। इसके लिए कंपनियों को न्यौता दिया गया है। टेंडरों की जानकारी एनसीआरटीसी की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। वहीं, इन टेंडरों की लगने वाली बोली की तिथि भी तय है। बोली लगने के बाद एनसीआरटीसी कंपनियों को चयनित कर कार्य सौंप देगा। इसके बाद कार्य की रफ्तार बढ़ जाएगी। जिससे वर्ष-2023 तक परतापुर तक रैपिड का सुहावना सफर लोगों को मिल सकता है।
बिजली और टेलीफोन लाइनों के टेंडर
इन टेंडरों में सबसे ज्यादा बिजली और टेलीफोन लाइनों को शिफ्ट करने के लिए टेंडर अपलोड किए गए हैं। इनके तय स्थान पर शिफ्ट हो जाने के बाद गाजियाबाद से मेरठ तक का रैपिड रेल का ट्रैक साफ हो जाएगा। जिससे तेज गति से इस रूट पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, मोदीपुरम में बनाए जाने वाले डिपो के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय सहित केंद्रीय आलू अनुसंधान की जमीन का जीर्णोंद्घार भी किया जाना है। इसके लिए भी नंवबर में ही टेंडर पर बोली लगाई जानी है।
ये हैं प्रमुख टेंडर
1. अतुल माहेश्वरी सेतु से आगे एक किलोमीटर तक टेलीफोन लाइनों की शिफ्टिंग - सात नवंबर
2. शताब्दीनगर से मोदीपुरम तक पाइल लोड टेस्ट - चार नवंबर
3. शताब्दीनगर से मोदीपुरम फ्लाइओवर तक ट्रांसफॉर्मर, एलटी लाइन, अन्य बिजली लाइनों की शिफ्टिंग - 14 नवंबर
4. सरदार वल्लभभाई विश्विद्यालय की बिल्डिंग का जीर्णोंद्धार - सात नवंबर
5. स्टेशनों पर तकनीकी उपकरण जैसे - सर्वर, सॉफ्टवेयर का कार्य- सात नवंबर
6. बीईएल और यूरो पार्क गाजियाबाद में विद्युत ट्रांसफार्मर सहित अन्य उपकरणों की शिफ्टिंग - 14 नवंबर