मेरठ। यूपी बोर्ड के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के दस्तावेजों की अब जांच की जाएगी। जिन छात्रों के दस्तावेजों में किसी तरह की कमियां मिलेंगी उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि ऐसे एक हजार से ज्यादा परीक्षार्थी हो सकते हैं, जिनके आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं।
यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षाओं को नकलविहीन कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की परीक्षा केदौरान पंजीकरण कराने वाले हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 86 हजार 280 परीक्षार्थियों (इंटरमीडिएट 43274 और हाईस्कूल 43006) ने आवेदन किए हैं। इनमें ऐसे आवेदनकर्ताओं की छंटनी की जाएगी जिन्होंने गलत सूचना दी है या जिनके फॉर्म किसी कारण से अधूरे हैं। बोर्ड की तरफ से सुधार करने के लिए 22 अक्तूबर तक का समय दिया था। वहीं, दूसरी तरफ बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर मेरठ में इस बार 100 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाने की उम्मीद है। यह भी जल्द ही फाइनल होने वाला है। पिछली बार 90 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।