मखदुमपुर गंगा घाट पर घड़ियाल छोड़ते वन विभाग की टीम स्रोत विभाग
संरक्षण के प्रयासों को मिलेगी मजबूती
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर (मेरठ)। गंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण की दिशा में वन विभाग ने एक अहम कदम उठाया है। लुप्त प्राय: घड़ियाल संरक्षण परियोजना के तहत सोमवार को क्षेत्र के मखदूमपुर गंगा घाट पर 54 घड़ियाल शावकों का सफलतापूर्वक गंगा नदी में छोड़ा गया। यह सभी शावक वर्ष 2023 में जन्मे थे जिन्हें घड़ियाल पुनर्वास केंद्र, कुकरैल, लखनऊ से लाया गया।
विमोचन कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय, नितिन कुमार, ऋषभ सिंह सहित घड़ियाल पुनर्वास केंद्र, कुकरैल से आए घड़ियाल विशेषज्ञ वन दरोगा बृजमोहन, वनरक्षक और अन्य वनकर्मी मौजूद रहे। टीम ने आपसी समन्वय से घड़ियाल शावकों को गंगा की मुख्य धारा में सुरक्षित रूप से छोड़ा।
कार्यक्रम में किशोरपुर के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि एवं समाजसेवी ऋषिपाल मलिक ने वन विभाग द्वारा नदियों के पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने और घड़ियाल के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। खुशबू उपाध्याय ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल जैव विविधता को बचाने में सहायक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ नदियों का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। घड़ियाल गंगा नदी की जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनका संरक्षण गंगा के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे घड़ियालों की प्राकृतिक आबादी में वृद्धि होगी और गंगा नदी की पारिस्थितिक गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
मखदुमपुर गंगा घाट पर घड़ियाल छोड़ते वन विभाग की टीम स्रोत विभाग