ग्राम अलीपुर के जंगल में स्थित मीट फैक्टरी में बीती रात गैस होने का आरोप
एसपी देहात ने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया
एसडीएम सदर ने राजस्व विभाग की टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराया
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा। गांव अलीपुर के जंगल में तान्या मार्केटिंग मीट फैक्टरी के आसपास करीब 15 किसानों की लगभग 300 बीघा फसल झुलस हो गई। किसान शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे तो फसलों को देख क्षुब्ध होकर हंगामा करने लगे। उन्होंने मीट फैक्टरी से गैस के रिसाव होने का आरोप लगाया। इसकी जानकारी पाकर पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उधर, एसपी देहात ने मीट फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
मीट फैक्टरी के आसपास गांव अलीपुर के किसानों की कृषि भूमि है। जिसमें उन्होंने फसलें बोई हुई हैं। किसान शुक्रवार सुबह खेतों पर पहुंचे करीब तीन सौ बीघा फसलें झुलसी हुई मिलीं। इसकी जानकारी पाकर गांव के सैकड़ों किसान मौके पर पहुंचे और हंगामा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि तान्या मीट फैक्ट्री से ही गैस का रिसाव हुआ है। जिससे सब्जी की फसलें झुलस गईं। इससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की। इसकी जानकारी पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहां किसानों ने पुलिस का जमकर विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की साठगांठ से ही अवैध मीट फैक्टरियां चलाई जा रही हैं। किसानों ने पुलिस से मीट फैक्टरी के संचालक पर कार्रवाई की मांग की। जिस पर पुलिस ने तुरंत उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। इसके पश्चात एसडीएम सदर ने राजस्व विभाग की टीम भेजकर फसलों के नुकसान का आकलन कराया। उधर, एसपी देहात ने भी मीट फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही बरतने के मामले में रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है।
इन किसानों की फसल झुलसी
महेंद्र बंसल की 30 बीघा पेेठा, कृष्ण कुमार का 35 बीघा पेठा, खीरा, हरी मिर्च, बिजेंद्र कुमार की 20 बीघा पेठा, धनिया, योगेश की 25 बीघा टमाटर की फसल, हरेंद्र की 15 बीघा खीरा, गेंहू व बरसी, मेवाराम की 13 बीघा टमाटर, दीपचंद की 8 बीघा टमाटर की फसल, रईस अहमद की 10 बीघा पेठा, आरजू की 12 बीघा टमाटर की फसल, धर्मी की 20 बीघा पेठा की फसल समेत अन्य कई किसानों सहित करीब तीन सौ बीघा फसल झुलस गई है।
कुत्ते व जंगली जीवों की मौत
ग्रामीणों का आरोप है कि गैस रिसाव का असर फसलों के साथ-साथ जीव-जंतुओं पर भी पड़ा है। गैस की चपेट में आने से मीट फैक्टरी के आसपास घूमने वाले कई दर्जन कुत्तों, पशुओं के अवशेषों को खाते हैं वो तथा जंगल में घूम रहे सांप इत्यादि की भी मौत हुई है।