शहर और हाईवे जाम, हर प्लान धड़ाम
लाखों लोग रोज झेल रहे जाम की परेशानी
ट्रैफिक पुलिस प्लान बनाती है, पर लागू नहीं करती
बृहस्पतिवार को भी जाम से जूझते रहे यात्री
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मेरठ। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस अधिकारियों ने बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन शहर से लेकर हाईवे तक लगातार जाम की समस्या से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। अतिक्रमण हटवाने का ट्रैफिक पुलिस का अभियान एक सप्ताह में ही सिमट जाता है। लाखों लोगों को आए दिन जाम से जूझना पड़ता है।
बृहस्पतिवार दोपहर से ही शहर में जाम लगना शुरू हो गया। बाउंड्री रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। लालकुर्ती पैठ बाजार से लेकर जीरो माइल तक वाहन जाम में फंसे थे। जीरो माइल चौराहे से लेकर बेगमपुल तक भी यही हाल रहा। सड़क पर अवैध तरीके से ऑटो, ई रिक्शा, ठेले और फड़ लगने से जाम की स्थिति बनी रही। दिल्ली रोड पर भी हालात खराब थे। बेगमपुल से भैसाली बस अड्डे के सामने तक जाम लगा रहा। रोडवेज बस अड्डे के सामने सड़क पर ही चालक यात्रियों को उतारते और बैठाते हैं, बीच सड़क पर बस रुकने से जाम लगता है। जली कोठी चौराहा, केसरगंज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा से एचआरएस चौक पर जाम लगा रहा। दिल्ली रोड पर ट्रांसपोर्ट नगर के सामने ट्रकों के कारण वाहन जाम में फंसे रहे। शाम को परतापुर तिराहे पर बन रहे इंटरचेंज के निर्माण कार्य को लेकर यातायात रेंगता रहा। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोहिउद्दीनपुर में दो किमी लंबा जाम लगा रहा। एनएच-58 पर बीआईटी कट और कंकरखेड़ा बाईपास पर जाम लगा रहा। शहर में हापुड़ अड्डा चौराहा से भूमिया पुल तक जाम के हालात रहे।
ट्रैफिक पुलिस ने प्लान बनाए, लागू नहीं किए
ट्रैफिक पुलिस ने ई रिक्शाओं का रूट प्लान बनाया था, लेकिन रूट निर्धारित नहीं किया। शहर के प्रमुख चौराहे जीरो माइल, बेगमपुल, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, एचआरएस चौक, बच्चा पार्क, ईव्ज चौराहा, हापुड़ अड्डा, भूमिया पुल, तेजगढ़ी, एल ब्लॉक पर जाम लगता है। प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने अपने क्षेत्र का एक-एक चौराहा दिया गया गया था, लेकिन थानेदारों ने अधिकारियों के निर्देशों को हवा में उड़ा दिया। पीएल शर्मा रोड, खैरनगर बाजार, जिला अस्पताल रोड, घंटाघर पर वनवे प्लान बना था, लेकिन व्यवस्था सुधरी तो वनवे प्लान को बदल दिया गया। घंटाघर पर एसपी सिटी कार्यालय के सामने अस्थायी बैरियर लगे थे, लेकिन वह भी हटा लिए गये। रोडवेज बसों को लेकर दिल्ली रोड पर प्लान बनाया गया था। 20 दिन जाम नहीं लगा, लेकिन जिला प्रशासन को यह प्लान रास नहीं आया।
वाहनों का है दबाव
एसपी ट्रैफिक संजीव बाजपेई का कहना है कि शहर और हाईवे पर लगातार वाहनों का दबाव बढ़ रहा है। शहर और हाईवे से रोज औसतन साढ़े तीन लाख से पौने चार लाख वाहनों का आवागमन होता है। सड़कों की चौड़ाई कम है। आरटीओ में साढ़े सात लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं। जबकि एक लाख से अधिक वाहन दूसरे जिलों के दौड़ रहे हैं। फिर भी जाम से निपटने की पूरी कोशिश की जा रही है।
पल्हैड़ा चौराहे पर दिनभर लगा रहा जाम
मोदीपुरम। एनएच 58 पर पल्हैड़ा चौराहे पर बन रहे फ्लाई ओवर के कारण बृहस्पतिवार को हाईवे पर भयंकर जाम लगा रहा। दो से तीन किमी के जाम में यात्री घंटों फंसे रहे। पुलिस ने रूट डायवर्जन किया हुआ है, लेकिन समस्या बनी हुई है।