12.5 करोड़ रुपये मिलने के बाद भी बदहाल ही है रोहटा रोड
अमर उजाला अभियान
- 15 जनवरी तक सीसीरोड का शुरू होना था निर्माण
- सरकार ने 12 करोड़ 45 लाख 91 हजार रुपये किए थे स्वीकृत
- सड़क निर्माण तो दूर शिलान्यास भी नहीं हुआ अब तक
मेरठ। रोहटा रोड के निर्माण के लिए कई बार लोग सड़क पर उतरे। क्षेत्र के लोगों ने धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल भी की। सांसद, विधायक से लेकर निगम, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन के अफसरों तक ने कई बार जल्द सड़क निर्माण का आश्वासन दिया, लेकिन 12.5 करोड़ रुपये जारी होने के डेढ़ माह बाद भी सड़क गड्ढा मुक्त नहीं हो सकी है। आलम यह है कि वाहन चलाना तो दूर सड़क पर पैदल चलना भी जोखिम भरा है। वाहनों के टायर से पत्थर उछलकर लोगों को घायल कर रहे हैं।
15 जनवरी तक शुरू होना था सीसी रोड पर काम
रोहटा रोड पिछले दो साल से गहरे गड्ढों में तब्दील है।अमर उजाला ने भी इस सड़क की समस्या को प्राथमिकता पर अभियान के रूप में उठाया हुआ है। अब सड़क के हालात बद से बदतर हो गए हैं। सड़क निर्माण के लिए क्षेत्रिय लोगों ने भी शासन-प्रशासन के खिलाफ कई बार आवाज उठाई। जिसके बाद उप्र सरकार ने चार जनवरी को रोहटा मार्ग पर सीसी रोड बनाने केलिए 12 करोड़ 45 लाख 91 हजार रुपये स्वीकृत किए थे। उसी दिन पीडब्लूडी के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि दस दिन के भीतर सीसी रोड पर काम शुरू हो जाएगा। धन स्वीकृत हुए डेढ़ माह बीत चुका है। लेकिन अभी तक सीसी रोड पर काम शुरू होना तो दूर शिलान्यास भी नहीं किया गया है। ऐसे में जनता जान जोखिम में डाल कर सड़क से गुजरने को मजबूर है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अफसर आज भी जल्द निर्माण का आश्वासन ही दे रहे हैं। सड़क निर्माण के लिए हुए आंदोलन में भाजपा सरकार और जनप्रतिनिधियों की भी जमकर किरकिरी हो चुकी है, लेकिन इसके बाद भी समस्या जस की तस है। अब तो सड़क निर्माण के मुख्य आंदोलनकारी दुष्यंत रोहटा भी भाजपा नेताओं के पक्ष में आ गए हैं, ऐसे में लोगों ने सड़क निर्माण की उम्मीद ही छोड़ दी है। हालांकि दुष्यंत का कहना है कि जनता की समस्या उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।
तैयारी शुरू हो चुकी है
रोहटा रोड पर सीसी निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी हो चुकी है। ठेकेदार को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रयास है कि शुक्रवार से कार्य शुरू कराया जाए। - राजपाल सिंह, चीफ इंजीनियर पीडब्लूडी।