मेरठ। शाम के 4:10 बजे थे। सत्यवान उर्फ अजय, जोगेंद्र, गुड्डू और सतवीर सीवर की सफाई करने मीट प्लांट में पहुंचे। करीब 10 फीट गहरे सीवर तक जो पहुंचा, वहीं मौत की नींद सो गया।
इस सनसनीखेज मामले में सबसे पहले जोगेंद्र उतरा और बेहोश हो गया। तीनों साथियों ने आवाज दी। लेकिन जोगेंद्र कुछ नहीं बोला। बचाने के लिए गुड्डू गया। जोगेंद्र का गुड्डू ने हाथ पकड़ा था, तभी वह भी बेहोश होकर उसके ऊपर गिर गया। जोगेंद्र और सतवीर बार-बार आवाज देते रहे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। जिसके बाद अजय हिम्मत करके बोला कि सतवीर तुम रस्सा पकड़ लो, मै अंदर जाकर देखता हूं। लेकिन अजय को मालूम नहीं था कि जहरीली गैस मौत बनकर उसके इंतजार में है। अजय भी सीवर तक पहुंचा और बेहोश होकर गिर गया। फिर सतवीर भी घबरा गया। सतवीर ने तीनों के नाम लेकर आवाज दी और फिर बचाओ बचाओ कहकर चिल्लाने लगा। करीब दस मिनट बाद गार्ड आया। लोग भी आने लगे। लेकिन सीवर में कौन उतरेगा, इसको लेकर सभी में डर बैठ गया। जैसे तैसे कर पेट पर रस्सा बांधकर मीट प्लांट के दो कर्मचारी रिजवान और जलीस उतरे। दोनों कर्मचारियों ने अजय, गुड्डू और जोगेंद्र को निकाल तो दिया, लेकिन वह भी ऊपर आकर बेहोश हो गए।
इन्हें बचा लो, बर्बाद हो गए
यह सारा मामला सतवीर की आंखों के सामने हुआ। सतवीर चिल्लाता रहा कि उसके साथियों को बचा लो। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कर्मचारियों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उनकी मौत हो गई थी। सतवीर ने रो रोकर अपने परिजनों को बताया कि अजय, गुड्डू और जोेगेंद्र की मौत हो गई। सब बर्बाद हो गया। दस हजार का ठेका भारी पड़ गया।
हाथ उठाया और गिर गए
सतवीर ने बताया कि सीवर तक पहुंचते ही तीनों ने ऊपर हाथ उठाए थे। लेकिन कुछ बोल नहीं पाए। हाथ उठाते ही गिर गए थे। शुरूआत में ऐसा लग रहा था कि पैर फिसलने से गिरे है। जोगेंद्र, गुड्डू और फिर अजय के साथ ऐसा हुआ तो वह घबरा गया। तीनों साथियों को देखकर सीवर में घुसने की उसकी हिम्मत नहीं हुई। तीनों की मौत का मंजर उसने करीब से देखा है।
खास बातें:
- तीनों युवकों को तड़पते देख चिल्लाता रहा सतवीर
- अखलाक के मीट प्लांट का सनसनीखेज मामला
- सतवीर ने करीब से देखा तीनों की मौत का मंजर