मेरठ। सोमवार को होने वाली पुलिस की लिखित परीक्षा ने रोडवेज व्यवस्था की पोल खोल दी। बसों की कमी के चलते अभ्यर्थियों को बसों की छत पर बैठकर सफर करना पड़ा। वहीं वीकेंड और ईद पर घर आए लोगों को वापस जाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों को उठानी पड़ी।
पुलिस कांस्टेबल लिखित परीक्षा के लिए पुलिस प्रशासन ने कई दिन पहले रोडवेज को पत्र भेजकर बसों का इंतजाम करने के लिए कहा था। लिखित परीक्षा में 30 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों के आने और यहां से जाने की बात कही गई थी। इस पर रोडवेज ने भी बसों का पूरा इंतजाम होने का आश्वासन प्रशासन को दिया था। लेकिन रविवार को ही बस प्रबंधन की पोल उस समय खुल गई जब अभ्यर्थियों का रेला भैसाली बस अड्डे पर पहुंचना शुरू हुआ। वीकेंड और ईद के चलते अपने घर आए लोग भी नौकरी पर लौटने के लिए शाम को बस अड्डे पर पहुंच गए। इसके चलते यह भीड़ दोगुना हो गई। गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली आदि रूटों पर यात्रियों के सापेक्ष बसों की संख्या कम पड़ गई। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वीकेंड के बाद नौकरी पर लौट रहे थे लोग
दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गरुग्राम में काम करने वाले मेरठी वीकेंड पर अपने घर आ जाते हैं। सोमवार को ड्यूटी पर जाने के लिए वे रविवार शाम को अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाते हैं। इस बार ईद के चलते भी लोग अपने घर आए थे। ईद मनाने के बाद ये भी लौट रहे थे। इसके चलते भैसाली से लेकर सोहराबगेट बस अड्डे पर भारी भीड़ रही। बसों में बढ़ी पुलिस अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ के आगे रोडवेज के इंतजाम बौने साबित हुए। आम यात्रियों को बस में चढ़ने तक का मौका नहीं मिल सका। काफी यात्री तो वापस अपने घर को लौट गए।
अधिकारी रहे छुट्टी पर
शनिवार को ईद और रविवार की छुट्टी के चलते अधिकतर रोडवेज अधिकारी शुक्रवार को ही अपने घरों के लिए निकल गए थे। बस अड्डे की पूरी व्यवस्था कर्मचारियों के हाथों में थी। बसों के लिए यात्री परेशान होते रहे लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं था। पूछताछ सेंटर पर भी कोई यह बताने को तैयार नहीं था कि बस कितनी देर में आएगी।
जिला प्रशासन के पत्र के बाद विभाग ने अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की थी। लेकिन ज्यादा भीड़ आने और बसों के रूटों पर लगे जाम में फंसने से थोड़ी दिक्कत हुई। दूसरे रूटों की बसों को हटाकर रश वाले रूटों पर बसें लगाकर यात्रियों को राहत दी गई। नीरज सक्सेना, आरएम, रोडवेज मेरठ रीजन