रेलमंत्री के दरबार पहुंचा संगम और नौचंदी की देरी का मामला
मेरठ। पिछले 20 महीने से लेट चल रही संगम और नौचंदी एक्सप्रेस के साथ ही राज्यरानी एक्सप्रेस की देरी का मामला रेलमंत्री पीयूष गोयल के दरबार में पहुंच गया। सोमवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने दिल्ली जाकर रेलमंत्री से मुलाकात की और लंबे समय से लेट चल रही नौचंदी व संगम एक्सप्रेस की जानकारी तथ्यों के साथ दी।
वाजपेयी ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने पूर्व रेलमंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से समस्या का समाधान कराने का आग्रह किया था। इसके बाद रेलवे के उच्चाधिकारियों ने मीटिंग बुलाकर समाधान करने की बात कही थी। लेकिन आज तक समाधान नहीं हो पाया है। बताया कि मेरठ से इलाहाबाद जाने वाली संगम व नौचंदी एक्सप्रेस से हजारों यात्री लखनऊ व इलाहाबाद जाते हैं। लेकिन ट्रेनों की देरी से यात्रियों का बुरा हाल है। जनहित में दोनों ट्रेनों का राइट टाइम होना अनिवार्य है। इसके अलावा सर्दी में कोहरे के नाम पर रद्द की गई दिल्ली से जालंधर जाने वाली सुपर एक्सप्रेस भी चलाई जानी यात्री हित में है। पीयूष गोयल न पूरी बात सुनने के बाद सभी समस्याओं का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उनके साथ राजीव रस्तौगी, संदीप रेवड़ी और नरेंद्र उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
ये दिया ट्रेनों को राइट टाइम करने का सुझाव
वाजपेयी ने संगम और नौचंदी को राइट टाइम करने का सुझाव भी रेलमंत्री को दिया। बताया कि संगम एक्सप्रेस में आठ डिब्बे देहरादून से आकर अलीगढ़ में लगते हैं। इन डिब्बों को डायरेक्ट इलाहाबाद भेजा जा सकता है। आठ डिब्बे मेरठ से जोड़ें जाए तो यात्रियों को भी राहत मिलेगी और अलीगढ़ में होने वाली देरी से भी छुटकारा मिलेगा। कानपुर से इलाहाबाद के बीच संगम पैसेंजर की तरह चलती है। इस पर रोक लगाई जाए। नौचंदी एक्सप्रेस को इलाहाबाद की बजाय लखनऊ तक ही चलाया जाए। लखनऊ से इलाहाबाद के लिए काफी ट्रेन हैं। यह करने से ये दोनों ट्रेन राइट टाइम हो सकती हैं।