अतिलघु प्रश्नों ने बढ़ाई भावी शिक्षकों की परेशानी
मेरठ। सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में 1625 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया जिले में कुल 10 हजार 736 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। रविवार को 22 केंद्रों पर नौ हजार 111 अभ्यर्थियों ने परीक्षाएं दी।
परतापुर के सुशीला देवी बालिका इंटर कालेज से परीक्षा देकर लौटे अभ्यर्थियों ने परीक्षा को कठिन बताया। सुबह 10 बजे से एक बजे तक परीक्षा आयोजित हुई। अभ्यर्थियों का कहना था कि परीक्षा बहुविकल्पीय होती तो अच्छा होता। परीक्षा कुल 150 अंक की हुई। जिसमें अंग्रेजी, मैथ्स, साइंस, जीके, करंट अफेयर, हिंदी और संस्कृत 10 से 15 अंकों की थी। लेकिन बहुविकल्पीय परीक्षा न होने के कारण अभ्यर्थी एक-एक अंक को जूझते नजर आए। प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश भर में 68,500 पदों पर सहायक अध्यापकों की भर्ती होनी है। ऐसे में भावी शिक्षकों के मन में उम्मीद जगी है। प्रदेश सरकार द्वारा पहली बार राज्य स्तरीय परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा को लेकर कैबिनेट में प्रस्ताव पर मोहर के बाद फैसला लिया गया था। इससे पहले बीटीसी के बाद टीईटी या सीटीईटी पास कर सहायक अध्यापक पदों पर सीधी भर्ती होती थी। लेकिन शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर करने के लिए सरकार ने कड़ा फैसला लिया है।
गलती से ओएमआर शीट साथ ले गई परीक्षार्थी
सेठ बीके माहेश्वरी में परीक्षा समाप्त होने के बाद एक लड़की ओएमआर शीट साथ ले गई। लेकिन उससे फोन पर संपर्क किया गया। तो बताया उसने पहली बार परीक्षा दी है। जिसके कारण वो ओएमआर शीट गलती से लेकर चली गई। कुछ देर बाद ही लड़की ओएमआर शीट लेकर कालेज पहुंची। लड़की ने लिखित तौर पर गलती मानी तो कालेज स्टाफ ने उससे ओएमआर शीट जमा की।
खास बातें:
- 22 केंद्रों पर नौ हजार 111 अभ्यर्थियों ने दी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा
- 1625 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित