दर्जन भर संगठनों ने किया भारत बंद से किनारा
मेरठ। सोशल मीडिया पर दस अप्रैल को एक और भारत बंद की पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन असमंजस की स्थिति में है। शनिवार को एसपी सिटी कार्यालय में अफसरों ने करीब एक दर्जन संगठनों के पदाधिकारियों के साथ वार्ता की। इन पदाधिकारियों ने कहा कि बंद से कोई लेनादेना नहीं है। सिर्फ सोशल मीडिया पर ही भारत बंद का मेसेज वायरल हो रहा है।
बैठक में एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और एसपी सिटी मान सिंह चौहान से संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि हमारे संगठन की तरफ से भारत बंद का मेरठ में कोई भी कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है। इस दौरान सभी लोगों ने पुलिस-प्रशासन के साथ सद्भाव बनाने की बात कही। बैठक में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा से कुलदीप तोमर, सिंह सेना से नरेश राणा, राजपूत महासभा से ओमवीर सिंह राघव, हिंदू स्वाभिमान संस्था से अमित भारद्वाज, संयुक्त ब्राह्मण समिति मेरठ मंडल से पीयूष शास्त्री, राष्ट्रीय वीर गुर्जर महासभा से सत्यवीर सिंह, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से मानवेंद्र वर्मा, जिला जाट महासभा से कल्याण सिंह मौजूद रहे। वहीं अखिल भारतीय ओबीसी महासभा मध्यप्रदेश की तरफ से वरुण कुमार ने कहा कि संगठन मेरठ में सक्रिय नहीं है।
यह चल रहा है मेसेज
एसपी सिटी ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि दस अप्रैल को व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर ओबीसी व जनरल द्वारा भारत बंद के संबंध में मेसेज वायरल हो रहा है। जिसके बाद संगठन के पदाधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की गई। एसपी सिटी के अनुसार धारा 144 लगी है। बिना अनुमति सार्वजनिक स्थल पर कोई कार्यक्रम या जुलूस नहीं निकलेंगे।
जाट समाज का नहीं लेना-देना
जाट कल्याण संस्था रोहटा रोड के अध्यक्ष चौ. विजयपाल सिंह ने बताया कि 10 अप्रैल को आरक्षण के विरोध में भारत बंद के मेसेज से जाट समाज का लेना-देना नहीं है। सोशल मीडिया पर चल रहे मेसेज में जाटों के इसमें शामिल होने की जानकारी गलत है। जाट महासभा मेरठ के जिलाध्यक्ष चौ. कल्याण सिंह ने भी बंद के समर्थन से मना किया है।
खास बातें:
सोशल मीडिया पर दस अप्रैल को चल रही है एक और भारत बंद की अफवाह
एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने विभिन्न संगठनों के साथ की बैठक