योगेश और रावण के बीच वार्ता के कई मायने
मेरठ। दलित आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के बाद कई अहम बातें सामने आ रही हैं। जिसमें एक चर्चा भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण और बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा के बीच पिछले दिनों हुई गोपनीय वार्ता को लेकर है। जिसके अब कई मायने निकाले जा रहे हैं।
भीम आर्मी भले ही इस उपद्रव से अपने को अलग करने का दावा कर रही हो। लेकिन खुफिया तंत्र को जो इनपुट मिल रहा है, उसमें भीम आर्मी से जुड़े युवकों का उपद्रव में शामिल होना सामने आ रहा है। रावण को 20 मार्च को सहारनपुर जेल से पुलिस अभिरक्षा में मेरठ मेडिकल अस्पताल में रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने के लिए लाया गया था। विश्वस्त सूत्र इस दौरान रावण और योगेश के बीच 2 अप्रैल के आंदोलन को लेकर मुख्य रुप से चर्चा होने की बात कह रहे हैं। जिसके बाद भीम आर्मी के कुछ युवकों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए गुरिल्ला नीति से आंदोलन को हिंसक बनाया।
मेरठ में सक्रिय हैं सदस्य
मेरठ में भीम आर्मी के सदस्य परतापुर, कंकरखेड़ा और हस्तिनापुर क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। भीम आर्मी सहारनपुर से निकलकर पश्चिमी यूपी में अपना संगठन खड़ा कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि योगेश और रावण के बीच आंदोलन को तीखा करने और भीम आर्मी की इसमें भूमिका को लेकर चर्चा हुई थी। एक पक्ष यह भी है कि आंदोलनकारियों की भीड़ में शामिल कुछ युवक भीम आर्मी के अंदाज में लगातार नारेबाजी करते नजर आ रहे थे। ऐसे में अब पुलिस और खुफिया विभाग इस तरफ भी अपनी जांच को ले जा रहा है।
खास बातें:
20 मार्च को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल लाया गया था भीम आर्मी का चीफ रावण
इस दौरान बसपा नेता योगेश वर्मा के साथ है उसकी गोपनीय मुलाकात की चर्चा