पासपोर्ट सेवा केंद्र में एप्वाइंटमेंट के साथ समस्याएं फुल
मेरठ। शहर में पासपोर्ट ऑफिस खुलते ही तेजी से आवेदन हो रहे हैं। हालत ये हो गई कि 24 अप्रैल तक के एप्वाइंटमेंट फुल हो गए हैं। लोग एप्वाइंटमेंट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन कार्यालय में संसाधनों की कमी इसमें बाधक बन रही है।
पासपोर्ट सेवा केंद्र का शुभारंभ 23 फरवरी 2018 को हुआ था। इस केंद्र पर गाजियाबाद पासपोर्ट कार्यालय से जुडे़ 11 जिलों मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर ,सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, अलीगढ़, आगरा, मथुरा के निवासी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। लेकिन यहां मुख्य रूप से मेरठ, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली जनपदों के लोगों के आवेदन आ रहे हैं। बुधवार को हालत ये थी कि 24 अप्रैल 2018 तक के एप्वाइंटमेंट फुल हो चुके थे। दरअसल पासपोर्ट विभाग द्वारा रोजाना 50 आवेदकों को ही ऑनलाइन एप्वाइंटमेंट डेट दी जा रही है। लेकिन जिस तेजी से लोेग आवेदन कर रहे हैं, उससे ये संख्या कम पड़ रही है।
यहां ये हैं मुख्य समस्याएं
पासपोर्ट सेवा केंद्र मेरठ में सबसे बड़ी समस्या बैठने की व्यवस्था की है। कार्यालय के लिए डाक विभाग द्वारा जो भवन उपलब्ध कराया गया है वह परिसर काफी छोटा है। यहां 50 से ज्यादा लोगों के बैठने की व्यवस्था भी नहीं है। पीने के पानी के लिए आरओ या अन्य कोई इंतजाम नहीं हैं। शौचालय आदि की व्यवस्था भी बेहद खराब है। इसी वजह से ही पासपोर्ट विभाग यहां एप्वाइंटमेंट संख्या नहीं बढ़ा पा रहा है।
जिम्मेदारी डाक विभाग की
पासपोर्ट सेवा केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय स्तर पर पहले ही ये तय हो गया था कि कार्यालय भवन में बैठने की व्यवस्था, बिजली, पानी, शौचालय आदि मूलभूत सुविधाएं डाक विभाग ही उपलब्ध कराएगा। इसके लिए डाक विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
खास बातें:
23 फरवरी से शुरू हुआ था केंद्र, 24 अप्रैल तक एप्वाइंटमेंट नहीं
केंद्र परिसर में बैठने की जगह कम, आवश्यक सुविधाओं का अभाव