मेरठ। देश की आजादी में शांति और क्रांति दोनों का सहयोग रहा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस उसी क्रांति के वाहक रहे और उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से दुनिया को दिखा दिया कि किस तरह एक आम आदमी अपनी सोच और जज्बे से बड़े से बड़े देश की नींव हिला सकता है। यह विचार मंगलवार को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर नेताजी सुभाष जन्म दिवस समारोह समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहे। मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि केंद्र सरकार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु के अनसुलझे रहस्य को सुलझाना चाहती है।
बच्चा पार्क स्थित पीएल शर्मा स्मारक मैदान में आयोजित कार्यक्रम में एडीएम सिटी मुकेश चंद ने ध्वजारोहण के साथ समारोह शुरू किया। समिति के महासचिव बीएन पाराशर ने लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। इसके बाद पथ संचलन पीएल शर्मा स्मारक मैदान से शुरू होकर बुढ़ाना गेट, सुभाष बाजार, कोतवाली, गुदड़ी बाजार, सर्राफा और वैली बाजार से होता हुआ नेताजी सुभाषचंद बोस गेट घंटाघर पहुंचा। वहां ब्रिगेडियर जेके तोमर ने मार्च पास्ट की सलामी ली। पथ संचलन इंटर कॉलेज प्रथम, सेठ बीके माहेश्वरी कन्या इंटर कॉलेज दूसरे और खालसा कन्या इंटर कॉलेज तीसरे नंबर पर रही। 15 विद्यालयों के 150 बच्चों ने नेताजी पर हुई भाषण प्रतियोगिता में भाग लिया।
बच्चों ने देशभक्ति कार्यक्रमों की प्रस्तुति
पीएल शर्मा स्मारक में बच्चों ने एक से बढ़कर एक देशभक्ति की प्रस्तुति दी। विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने देशभक्ति तरानों पर डांस किया, नृत्य-नाटिका के माध्यम से बच्चों ने भ्रूण हत्या, तीन तलाक, नारी उत्पीड़न, दहेज प्रथा आदि का विरोध किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालेराम ब्रजभूषण सरस्वती विद्या मंदिर, दूसरे स्थान पर आरजी इंटर कॉलेज बुढ़ाना गेट और एसएसडी कन्या इंटर कॉलेज रहे। तीसरे स्थान पर सरस्वती विद्या मंदिर गंगानगर और चावली देवी कन्या इंटर कॉलेज तीसरे स्थान पर रहे।
देरी से पहुंचे मंत्री
कार्यक्रम में काफी देर से पहुंचे केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि वह मेरठ वासियों को प्रणाम करते हैं, जो लगातार 51 साल से नेताजी का जन्मदिन धूमधाम से मना रहे हैं। कांग्रेस से मतभेद होने पर नेताजी ने उनकी आलोचना के बजाय अलग माध्यम से देशसेवा का रास्ता चुना। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि देश को नेताजी की मौत का रहस्य पता चले। इस दौरान समिति के कार्यकारी महासचिव अरुण जिंदल ने कहा कि बच्चों को नेताजी सुभाष के विचारों को जरूर जानना चाहिए। सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने कहा कि हर बार पढ़ने पर नेताजी के व्यक्तित्व का नया आयाम पता चलता है। अध्यक्षता अजय गुप्ता, संचालन डॉ. सरिता त्यागी ने किया। बिजेंद्र अग्रवाल, जर्नादन शर्मा, देशराज सिंह, बृजमोहन गुप्ता, धर्मपाल शर्मा, बिजेंद्र गुप्ता, पद्म सैन मित्तल, लखन शर्मा, पीयूष त्यागी, आशीष पाराशर आदि मौजूद रहे।
फोटो प्रदर्शनी का हुआ आयोजन
नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 200 वास्तविक फोटो की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें नेताजी की जीवन यात्रा को प्रदर्शित करते दुर्लभ चित्र थे। गाजियाबाद निवासी रामकुमार शर्मा ने देशभर से इन चित्रों को एकत्र किया था। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार को भी प्रदर्शनी में चित्रों को देखा। पाराशर ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नाम शहीद और स्वराज रखने का प्रस्ताव भी रखा।