स्थानीय निकाय चुनाव में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी की शिकायतें अधिक रहीं। सुबह सात बजे मॉक पोल किया गया। इसके बाद साढ़े सात बजे मतदान प्रक्रिया प्रारंभ हुई। हालांकि इस दौरान कई बूथों पर ईवीएम धोखा दे गईं तथा कुछ मतदान केंद्रों पर बिजली नहीं होने की शिकायत रही। एनआईसी में बने कंट्रोल रूम में शाम पांच बजे तक महापौर पद पर 23 बैलेट यूनिट और 25 कंट्रोल यूनिट बदलने क ी सूचना दर्ज की गई। वहीं, पार्षद पद के लिए 21 बैलेट यूनिट एवं 26 कंट्रोल यूनिट बदली गईं। कंट्रोल रूम प्रभारी एडीएम प्रशासन एसपी पटेल ने बताया कि हर जोनल मजिस्ट्रेट के साथ एक इंजीनियर भी था। जहां कहीं भी ईवीएम में परेशानी आई उसे तुरंत रिप्लेस कर दिया। गड़बड़ी को सुधारा गया शेष मतदान शांतिपूर्वक चला।
कई मतदान केंद्रों पर रिटर्निंग ऑफिसर के समय पर नहीं पहुंचने की भी शिकायत मिली। नेशनल पब्लिक स्कूल पांडव नगर, करन पब्लिक स्कूल पांडव नगर, भूमिया पुल बूथ नंबर 34 और मोदीपुरम पल्हैड़ा के बूथ नंबर 307 पर ईवीएम में खराबी, रशीद नगर वार्ड 89 के बूथ नंबर 997 पर गलत वोटिंग की शिकायत आई। वार्ड 42 देवपुरी में पोलिंग एजेंट के बूथ के अंदर बैठने की सूचना पर हंगामा हो गया। मलियाना वार्ड 23, 24 में ईवीएम खराबी की शिकायत रही। हर्रा के पर्दानशीं बूथ पर महिला पुलिस नहीं होने के कारण मतदान रुकने की शिकायत पहुंची। गोलाबढ़ के वार्ड 22 में बीएलओ के नहीं पहुंचने से मतदान रुकने की शिकायत रही। वार्ड 82 में फ र्जी वोटिंग के कारण हंगामे की सूचना मिली। रशीद नगर जेके पब्लिक स्कूल, समर कॉलोनी, सद्दीक नगर वार्ड सात, रोहटा रोड के वार्ड नंबर 22 के बूथ 262 पर हंगामे की सूचना रही। कई लोगों ने सीधे चुनाव कंट्रोल रूम में फोन करके वोट सूची से नाम गायब होने की शिकायत दर्ज कराई। इनके चलते काफी संख्या में मतदाता वोट नहीं कर पाए।
मुख्य बातें
पार्षद से अधिक महापौर पद पर खराब हुईं ईवीएम
2006 की पुरानी ईवीएम से चुनाव कराने के चलते हुई परेशानी
कई बूथों पर देर से शुरू हुआ मतदान
कंट्रोल रूम में आती रही शिकायतें
144 अतिसंवेदनशील बूथों का लाइव टेलिकास्ट
मेरठ। स्थानीय निकास चुनाव में पहली बार बूथों से मतदान का लाइव टेलिकास्ट हुआ। चुनाव आयोग के निर्देश पर एनआईसी में 144 अतिसंवेदनशील बूथों के लाइव टेलिकास्टिंग की व्यवस्था की गई। इनमें नगर निगम के 100 और देहात के 44 बूथ शामिल रहे। एनआईसी में बने कंट्रोल रूम में लैपटाप और एलसीडी टीवी पर इन बूथों से दिनभर लाइव टेलिकास्ट चलता रहा। स्थिति नियंत्रण में रखने एवं शांतिपूर्वक मतदान कराने के लिए लाइव टेलिकास्ट की व्यवस्था की गई थी। साथ ही सभी बूथों पर वीडियो रिकार्डिंग भी हुई। इसका डाटा चुनाव आयोग को भेजने के साथ जिला प्रशासन के पास भी सुरक्षित रखा गया है।