सुशीला मैटरनिटी हॉस्पिटल की चेयरपर्सन शीला गुप्ता के आवास में 50 लाख की चोरी के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने मंगलवार रात नौकर और नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब दस लाख के जेवरात बरामद करना बताया। पुलिस ने रात भर पूछताछ के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। आरोप है कि पुलिस ने आरोपी दंपति को तीन माह पहले भी पकड़ा था। लेकिन साठगांठ करके छोड़ दिया था।
सुशीला मैटरनिटी हॉस्पिटल परिसर में करीब चार माह पहले सिक्योरिटी गार्ड ब्रजभूषण की हत्या कर दी गई थी। बदमाशों का टारगेट हॉस्पिटल की चेयरपर्सन शीला गुप्ता का आवास था। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो परत दर परत खुलतीं गईं। चेयरपर्सन ने बताया था कि उनके आवास पर सिविल लाइन निवासी राजू नौकर और उसकी पत्नी बबली नौकरानी थी। जिन्होंने उनके आवास से नकदी और जेवरात समेत करीब 50 लाख का सामान चोरी कर लिया था। पुलिस ने दंपति को हिरासत में लेने के बावजूद खानापूर्ति कर छोड़ दिया था। पुलिस तो सिर्फ गार्ड की हत्या करने वालों की तलाश में थी। पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपियों ने कबूला था कि वह तो चेयरपर्सन शीला गुप्ता के आवास पर डकैती डालने आए थे। क्योंकि उनके नौकर नौकरानी लाखों रुपये का सामान चोरी करके लखपति बन गए और चेयरपर्सन ने उनकी शिकायत तक नहीं की। उन्हें अंदेशा था कि चेयरपर्सन के आवास में करोड़ों रुपये का सामान हो सकता है।
दस लाख के जेवरात बरामद
पुलिस ने बताया कि आरोपी दंपति की निशानदेही पर चेयरपर्सन के आवास से चोरी हुए करीब दस लाख के जेवरात बरामद हो गए हैं। जिसको दंपति ने चोरी करना कबूला भी है। जबकि अन्य नकदी व जेवरात से दंपति ने एक मकान और सामान खरीद लिया है। पुलिस इसकी भी जांच करने में जुटी है।
पहले छोड़ा, अब पकड़ा
गार्ड की हत्या में पुलिस ने नौकर-नौकरानी को पहले छोड़ दिया था। पुलिस ने पल्ला झाड़ा था कि गार्ड की हत्या के बाद ही चेयरपर्सन ने अपने आवास में चोरी होना क्यों बताया। क्योंकि चोरी करीब एक साल पहले होनी बतायी गई थी। लेकिन सवाल उठता है कि आखिर पुलिस ने अब कैसे कार्रवाई कर दी। आरोपी दंपति को जेल भेजा और सामान भी बरामद किया। जबकि यह घटना चार महीने पहले खुल सकती थी।