- अमृत योजना के तहत दो साल से जल आपूर्ति का इंतजार
- नगर पंचायत चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद भी नहीं हुआ सुधार
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। हस्तिनापुर की भीम नगर कॉलोनी में लोगों की प्यास बुझाने के लिए जल संसाधनों पर खर्च किए गए 45.36 करोड़ रुपए पानी में बह गए हैं। दो साल का लंबा वक्त बीत जाने के बाद भी लगभग 4500 परिवारों को टंकी से पानी नहीं मिल पाया है। एक सप्ताह पहले अमर उजाला ने जनता की आवाज उठाई थी। जिसके बाद नगर पंचायत चेयरमैन ने जल निगम के अधिकारियों को पत्र लिखकर जल संसाधन शुरू करने के निर्देश दिए थे। जल निगम के अधिकारियों ने चेयरमैन के निर्देश भी हवा में उड़ा दिए हैं। लीकेज पानी की टंकी को ठीक कराने का भी काम नहीं किया गया है। वर्ष 2023 में शुरू हुई इस योजना को 2024 तक हर घर में पानी पहुंचाने के लिए अमृत योजना संचालित की गई। जल निगम ने हस्तिनापुर में चार नए नलकूप (ट्यूबवेल), दो ओवरहेड टैंक और पानी की पाइपलाइन डालने का काम किया। नवनिर्मित पानी की टंकी लीकेज होने से जलापूर्ति नहीं हो पाई।
ये बोले स्थानीय लोग
- करोड़ों खर्च के बाद भी हम हैंडपंप का दूषित पानी पी रहे हैं। दो साल से जनता को सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, पानी मिलने की उम्मीद नहीं है। -वीरपाल सिंह
- पूरी परियोजना की जांच होनी चाहिए। जनता के पैसों की बर्बादी हो चुी है। कब टंकी से पानी मिलेगा पता ही नहीं। अधिकारियों पर कार्रवाई हो। -सूर्य प्रताप सिंह
- हस्तिनापुर की जनता के साथ यह सरासर धोखा है। दो साल से 4500 परिवार पानी के लिए तरस रहे हैं और अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। -विक्रम
- नई टंकी में लीकेज होना घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को दर्शाता है। भीषण गर्मी में पानी नहीं मिलेगा तो कब मिलेगा। -अमरीश कुमार
-
हस्तिनापुर के भीमनगर में बनाई गई पानी की टंकी पर सप्लाई अभी तक क्यों नहीं शुरू हुई इसकी जांच कराई जाएगी। लापरवाही हुई तो कार्रवाई की जाएगी। -संतोष कुमार, एसडीएम, मवाना