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Meerut News: सोने में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से 44.50 लाख ठगे

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आरोपी महिला ने फेसबुक के माध्यम से किया संपर्क
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पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। फेसबुक के माध्यम से संपर्क कर महिला ने सोने में निवेश पर बड़े मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से 44.50 लाख रुपये ठग लिए। एसपी क्राइम अवनीश कुमार का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ठगी की रकम फ्रीज कराने के लिए बैंकों को रिपोर्ट भेजी गई है। आरोपियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के शिवाजी रोड सरस्वती एनक्लेव निवासी कारोबारी मनोज जैन ने बताया कि कुछ दिन पहले फेसबुक पर निकिता जैन नाम की महिला का मेसेज आया था। इसके बाद उनकी महिला से बातचीत होने लगी। महिला ने उनके कामकाज की जानकारी ली और अपना व्हाट्सएप नंबर दिया। इसके बाद उनसे कहा कि एक कंपनी के जरिए सोने में निवेश पर बड़ा मुनाफा होगा।
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महिला ने उन्हें कंपनी की वेबसाइट का लिंक व्हाट्सएप पर भेजा और अकाउंट बनाने को कहा। लिंक ओपन नहीं हुआ तो महिला ने एक रेफरेंस कोड दिया। इस कोड को डालकर बीर्च गोल्ड कैपिटल नाम की कंपनी की वेबसाइट खुली। महिला के कहने पर उन्होंने निवेश करने से मना कर दिया। इस पर महिला ने कहा कि यह वेबसाइट पूरी तरह सुरक्षित है। मैं आपको गाइड करूंगी। साथ ही मैं भी इस वेबसाइट पर निवेश करूंगी। मुझ पर विश्वास करो, मैं भी जैन हूं। आपका पैसा कहीं नहीं जाएगा।
50 हजार जमा कराकर निकाले 10 डॉलर
महिला ने पीड़ित से कहा कि आप पहले 50 हजार रुपये का निवेश करो। इसके बाद महिला ने उनका अकांउट बनाया और कहा कि मैं आपको मेसेज बनाकर भेजूंगी, उस मेसेज को आप कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर भेज देना। वह पीड़ित को मेसेज बनाकर भेजती थी और वह उसे बीर्च गोल्ड कैपिटल कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर भेज देते। महिला ने उन्हें बताया कि आपके 50 हजार रुपये बढ़कर 55,000 रुपये हो गए हैं। इसमें से 10 डॉलर निकाल सकते हो। उन्होंने 10 डॉलर निकालने के बाद और भी निवेश किया। वह 44.50 लाख रुपये का निवेश वेबसाइट पर कर चुके हैं और अपने रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि महिला भी साइबर ठगी की इस साजिश में शामिल है।
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साइबर ठगी के बड़े मामले
10 जनवरी 2025 फेसबुक पर वैष्णो देवी का पांच रुपये वाला सिक्का 15 लाख रुपये में खरीदने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने मेडिकल क्षेत्र के कालियागढ़ी निवासी दीपक राज से 1.04 करोड़ रुपये ठग लिए।

30 अक्तूबर 2024 रूड़की इंजीनियरिंग कॉलेज के रिटायर प्रोफेसर एके अग्रवाल और उनकी पत्नी अंजना अग्रवाल से शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने 3.10 करोड़ रुपये की ठगी की।

17 सितंबर 2024 पांडव नगर निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी सूरज प्रकाश को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल भेजने का खौफ दिखाकर साइबर अपराधियों ने चार दिन डिजिटल अरेस्ट कर 1.73 करोड़ की ठगी की।

13 जुलाई 2024 गंगानगर निवासी मर्चेंट नेवी अधिकारी राजीव पंवार के पुत्र विराज को सोशल मीडिया पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 66.44 रुपये की ठगी।

11 अगस्त 2024 रेलवे रोड देवपुरी निवासी रेनू लता को घर बैठे कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 46.27 लाख रुपये जमा कराए।

2 सितंबर 2024 शास्त्री नगर निवासी मेघा तेवतिया को शेयर ट्रेडिंग में बड़े मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने 45.25 लाख रुपये की ठगी की।

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ये बरतें सावधानी
- कम निवेश पर थोड़े समय में बड़े मुनाफे की योजनाओं की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। बहुत ज्यादा रिर्टन के ऑफर से बचें, निवेश पर गारंटीड मुनाफे जैसा कुछ नहीं होता।
- अनजान शख्स की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और कोई एप डाउनलोड न करें। साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो तुरंत साइबर सेल की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
- अगर कोई ब्रोकर बार-बार किसी खास तरह के निवेश के बारे में बात कर रहा है, तो हो सकता है कि वो ठगने की कोशिश कर रहा हो। ऐसे में आपको सावधान होने की जरूरत है।
- साइबर ठग लोगों के पैसों को निवेश में लगाने के बाद टैक्स या फीस के तौर पर कई बार पैसों की मांग करते हैं। ऐसे में किसी भी तरह का शुल्क देने से पहले अच्छी तरह से जांच करें।
- अगर आप किसी धोखेबाज के जाल में फंस गए हैं तो निवेश किया पैसा दोबारा नहीं मिलता है। इस बात को चेक करने के लिए आप निवेश की गई रकम को मांगकर देख सकते हैं।
- इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी साइबर ठग सच्चाई सामने आने से पहले तक अलग-अलग तरीकों से पैसों की मांग करता रहेगा। जालसाज धमकी के जरिए भी पैसों की मांग कर सकते हैं।
- साइबर ठगी करने वाले जालसाज अक्सर आपकी पहुंच से दूर रहते हैं, ऐसे में उनकी असली पहचान जानने के लिए आप उनसे मिलने की मांग कर सकते हैं।
- कम समय में अमीर बनने के चक्कर में ट्रेडिंग करवाने वालों के जाल में न फंसे। इससे आपकी जमा पूंजी जा सकती है। कंपनियों के कस्टमर केयर नंबर गूगल से सर्च न करें। कंपनी की वेबसाइट से ही लें।
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- सीबीआई या क्राइम ब्रांच से कॉल आने पर तुरंत यूपी-112 या संबंधित थाने में फोन कर कंफर्म करें। पुलिस या सीबीआई किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। ऐसी कॉल आने पर परिजनों और दोस्तों से तुरंत बात करें।
- कोई पार्सल आने, उसमें ड्रग्स मिलने, मनी लॉन्ड्रिंग का खौफ दिखाने, वाट्सएप पर वॉरंट भेजने वाले जालसाज हैं। इनसे डरे नहीं।
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