बसपा सुप्रीमो के पलटवार से भीम आर्मी प्रमुख को लगा झटका
सहारनपुर। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर के मायावती को बुआ बताए जाने के बयान पर रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी और चंद्रशेखर व भीम आर्मी से किसी भी तरह का रिश्ता होने की बात को नकार दिया। इससे साफ हो गया कि दोनों के बीच सब कुछ ठीक नहीं है और अंदरूनी तौर दलितों को लेकर रस्साकशी चल रही है।
रिहाई के बाद जहां दलितों, कांग्रेस नेताओं और सपा नेताओं का आना जाना लगा हुआ है, लेकिन बसपा नेताओं ने दूरी बनाई हुई है। रिहाई के बाद चंद्रशेखर ने कहा था कि मायावी मेरी बुआ है और उन्होंने दलितों के लिए बहुत काम किया है। इसके बाद बसपा सुप्रीमो ने भीम आर्मी को निशाने पर लिया है। सहारनपुर में हुई हिंसा के बाद यहां आई मायावती ने तब भी भीम आर्मी को भाजपा से अलग हुए लोगों को संगठन बताया था। वह चंद्रशेखर की रासुका पर भी चुप्पी साधे रही थीं। रविवार को मायावती ने लखनऊ में कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए लोग उनसे बुआ और बहन का रिश्ता बनाना चाहते हैं, लेकिन हिंसा के आरोपियों से उनका कोई लेना देना नहीं है। अगर बहुजन समाज के लिए काम करना है तो बसपा से जुड़ेें। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर ने रविवार को जारी हुई एक वीडियो में फिर से मायावती को बुआ बताया और कहा कि जिन लोगों ने दलितों का शोषण किया है वही लोग आज मायावती के आसपास खड़े हैं। वह दलितों के बारे में कुछ करना भी चाहती हैं तो उन्हें करने नहीं देते। हालांकि मायावती के बयान पर सीधे तौर पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इंकार किया और कहा कि उन्होंने पत्रकार वार्ता नहीं सुनी है। इस पर अभी वह कुछ नहीं बोलना चाहते हैं।