प्लांट लगने के बाद ही शहर को मिलेगी कूड़े से मुक्ति
मेरठ। शहर को कूड़े से निजात दिलाने के लिए प्लांट लगना ही होगा। वहीं शहर की सड़कों पर हजारों मीट्रिक टन कूड़ा जमा है। जिसके कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उधर, कूड़ा निस्तारण प्लांट को लेकर शासन ही गंभीर नहीं दिख रहा है। क्योंकि नगर निगम ने महाराष्ट्र की कंपनी द्वारा तैयार की गई डीपीआर शासन को भेजी हुई है। मेरठ के जनप्रतिनिधि और लोग कई बार नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना और प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के सामने कूड़ा निस्तारण प्लांट का मुद्दा उठा चुके हैं। लेकिन वहां से सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। शासन डीपीआर पर अपनी स्वीकृति देने को तैयार नहीं है। वहीं दिल्ली रोड स्थित मंगतपुरम में कूड़े की पहाड़ी बन गई है। जिसको लेकर एनजीटी दिल्ली और इलाहाबाद हाईकोर्ट में बहस चल रही है। बार बार नगर निगम प्रशासन को न्यायालय में फटकार लग रही है। लेकिन कूड़ा निस्तारण को लेकर रास्ता नहीं निकल रहा है। बता दें कि हापुड़ स्थित लोहियानगर के निकट नगर निगम की लगभग तीन हजार वर्ग मीटर भूमि है, जिसपर नगर निगम कूड़ा डाल रहा है। अगर छह माह यही पर कूड़ा डाला गया तो मंगतपुरम जैसी पहाड़ी बन जाएगी। इसके अलावा गांवड़ी में भी काफी मीट्रिक टन कूड़ा डाला जा चुका है।
आज से 23 दिन चलेगा विशेष सफाई अभियान
शहर की स्वच्छता को लेकर शनिवार से नगर निगम 23 दिवसीय स्वच्छता अभियान शुरू करेगा। जिसमें नगर निगम प्रशासन प्रतिदिन चार वार्डों में विशेष अभियान चलाएगा। सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक और दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक सफाई कार्य किया जाएगा। शहर के प्रत्येक वार्ड की सफाई होगी। नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान ने बताया कि प्रत्येक दिन और वार्ड में सफाई की निगरानी के लिए अधिकारियों को लगाया गया है। जो प्रतिदिन सफाई की रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। दो अक्तूबर से पहले शहर को पूरी तरह साफ किया जाएगा।