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बिना जांच न आये किसी पर आंच

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बिना जांच, न आए किसी पर आंच
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मेरठ। बसपा नेता और प्रदेश के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी ने बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी और एसएसपी से मुलाकात की। याकूब कुरैशी ने दोनों को ज्ञापन सौंपते हुए दो अप्रैल को आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और आगजनी की निंदा की। उन्होंने बिना जांच के किसी के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल नहीं करने की बात कही। उन्होंने योगेश वर्मा को भी निर्दोष बताया।
याकूब कुरैशी ने कहा कि पूर्व विधायक योगेश वर्मा ऐसे व्यक्ति नहीं है जो समाज को तोड़ने का काम करें। दो अप्रैल को वह दंगा रोकने के लिए गए थे, लेकिन उल्टा उन्हें ही मुख्य षड़यंत्रकारी बनाया जा रहा है। जो कि पूरी तरह गलत है। हाजी याकूब ने कहा कि योगेश वर्मा के ऊपर विपक्षी दल से जुड़े लोगों के दबाव में रासुका लगाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा करने से दलितों में और ज्यादा आक्रोश भड़केगा।
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डीएम ने आश्वासन दिया कि बिना जांच किसी को भी जेल नही भेजा जाएगा। इस दौरान हाजी इमरान याकूब, जमीयत उलेमा मेरठ के अध्यक्ष कारी अमीर आजम, जमीयत उलेमा के जनरल सेक्रेटरी मौलाना सलमान, बसपा के मेरठ मंडल कोआर्डिनेटर सतपाल पेपला, दारा सिंह प्रजापति, राम चरण सिंह प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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प्रथम नागरिक का मेरठ में नहीं हो रहा सम्मान
याकूब कुरैशी ने जिलाधिकारी से कहा कि महापौर शहर का प्रथम नागरिक होता है। लेकिन मेरठ प्रथम नागरिक का कोई सम्मान नहीं हो रहा है। संविधान के अनुसार उनका एक प्रोटोकॉल है लेकिन मेरठ का प्रशासन इस प्रोटोकॉल को सत्ता के दबाव में पूरी तरह भूल चुका है। महापौर सुनीता वर्मा को उस समय जेल पर घंटों खड़े रखा गया, जब वह अपने पति योगेश वर्मा से मिलने जेल गई थी। उनके सम्मान में प्रोटोकॉल के तहत जेल का बड़ा गेट खुलना चाहिए था, लेकिन छोटे गेट के लिए भी उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ी। प्रशासन का यह रवैया इस बात को साबित कर रहा है कि सियासी षड्यंत्र के तहत ही यह सारा खेल रचा जा रहा है।

खास बातें:
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