मेरठ। महानगर में हर-हर गंगे, घर-घर गंगे हो गई है। भोला झाल पर ट्रीटमेंट प्लांट से आ रहा स्वच्छ पीने का पानी जनता को जहां रोगों से दूर रखेगा, वहीं पानी के प्रेशर को लेकर परेशानियों से छुटकारा मिल गया है। उधर नगर निगम को भी बिजली के बिल और ट्यूबवेलों के रखरखाव पर होने वाले खर्च में कमी से राहत मिलेगी।
ढाई माह से बंद पड़े गंगाजल को लेकर अमर उजाला ने अभियान चलाया था। जिसके बाद जल निगम ने 11 दिसंबर को भोला झाल से महानगर में गंगाजल आपूर्ति शुरू कर दी। घरों में गंगाजल पहुंचते ही परिवारों की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। एक तरफ आरओ का स्वच्छ पानी, वह भी अच्छे प्रेशर के साथ। अब महानगर की लगभग आठ- दस लाख जनसंख्या को पीने के लिए गंगाजल मिल रहा है। अमर उजाला ने बुधवार को फिर से गंगाजल आपूर्ति की जांच पड़ताल की। लोगों ने इस पर खुशी जताई।
फोटो मेरठ फोल्डर में हैं
बड़ी राहत मिली
दो दिन से पाइप लाइन से साफ पानी आ रहा है। प्रेशर में भी कोई कमी नहीं है। बड़ी राहत मिली है। - निशि मित्तल विजयनगर
अधिकारी भी जागे
गंगाजल आपूर्ति का मामला अमर उजाला ने उठाया। अधिकारी भी जागे और पानी की सप्लाई शुरू हो गई। इससे राहत मिली है। - डॉ. कविता जैन, सिविल लाइन
अब प्रेशर ठीक है
गंगाजल आने के बाद से ही बहुमंजिल इमारत पर पानी पहुंच पा रहा है। ट्यूबवेल का पानी आता तो था, लेकिन प्रेशर कम था। - कमल वेदी, साकेत
उम्मीद है आगे भी राहत मिलेगी
गंगाजल आपूर्ति शुरू होने से राहत तो मिली है। लेकिन अब यही उम्मीद करते है कि गंगाजल की आपूर्ति भविष्य में प्रभावित न हो। - पारुल गोयल, साकेत
धनराशि भी होगी जारी
सबकुछ ठीक रहा तो अब भविष्य में गंगाजल आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। क्योंकि नगर निगम ने प्लांट संचालन के लिए धनराशि भी देने का प्लान बना लिया है। - भारत भूषण, परियोजना प्रबंधक जल निगम