फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फांसी के लिए मेरठ जेल लाए जा सकते हैं कोली व पंधेर

विज्ञापन
विज्ञापन
फांसी के लिए मेरठ जेल लाए जा सकते हैं कोली व पंधेर
विज्ञापन


मेरठ। बहुचर्चित निठारी कांड के नौवें मामले में सीबीआई की विशेष कोर्ट ने सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई है। इसकी जानकारी लगते ही मेरठ जेल प्रशासन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। कोर्ट के आदेश पर दोनों को चौधरी चरण सिंह जिला कारागार मेरठ में लाया जा सकता है।
कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को जैसे ही फांसी की सजा हुई तो जेल प्रशासन भी अलर्ट हो गया। एक अन्य मामले में कोली को फांसी के लिए पहले भी मेरठ की जिला जेल में लाया गया था। लेकिन ऐन वक्त पर संबंधित केस में फांसी पर रोक लगा दी गई। फांसी के लिए जेल प्रशासन ने पूरी तैयारी शुरू कर दी थी। फांसी के निर्धारित समय से पहले ही फांसी पर रोक लग गई थी, जिसके बाद कोली को डासना जेल भेज दिया गया था।
विज्ञापन

वरिष्ठ जेल अधीक्षक बीडी पांडे का कहना है कि कोली और पंधेर को फांसी देने के बारे में जेल प्रशासन को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है तो कोर्ट के आदेश पर ही आगे की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। कोर्ट का फैसला होगा कि कहां और किस जेल में फांसी दी जाएगी। जेल प्रशासन कोर्ट के आदेश का पालन कराएगा। लखनऊ और मेरठ जेल में जल्लाद हैं। जैसे ही आगे का आदेश होगा फांसी की व्यवस्था के लिए पूरी तैयारी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि फांसी के लिए दोनों आरोपियों को मेरठ जेल लाया जाएगा तो उसमें अभी समय भी लग सकता है। व्यवस्था का पूरा पालन कराया जाएगा।

पवन जल्लाद बोला फांसी देकर होगी इच्छा पूरी
कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद मेरठ निवासी पवन जल्लाद ने कहा कि उसे जानकारी मिली है कि दोनों को फांसी दी जानी है। वह जिला जेल में जाकर फांसी घर की व्यवस्था देखेगा। पवन जल्लाद ने कहा कि यदि मुझे दोनों को फांसी देने का मौका मिलेगा तो मेरी भी आखिरी इच्छा पूरी हो जाएगी। जेल प्रशासन जैसे ही आदेश देगा वह उसकी जेल में जाकर तैयारी शुरू कर देगा।
विज्ञापन


दोनों के लिए दो रस्से चाहिए
पवन जल्लाद ने बताया कि दोनों को अलग-अलग फांसी दी जाएगी। दोनों की फांसी के लिए दो रस्से चाहिए। जल्लाद का कहना है कि बक्सर जेल बिहार और पटियाला जेल में रस्सों की व्यवस्था है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें