मेरठ। परिवहन निगम की बसों में यात्रा के दौरान दिव्यांग और परिचालकों के बीच पनप रहे विवादों पर विभाग के अधिकारी गंभीर हो गए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जहां 40 से 80 प्रतिशत दिव्यांग होने पर ही रोडवेज बसों के किराए में छूट देने की बात कही है वहीं 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति के साथ ही एक अन्य सहयोगी को निशुल्क यात्रा करायी जा सकती है। दोनों पक्षों में विवाद खत्म करने के लिए मंगलवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सोहराबगेट बस स्टेशन पर दिव्यांगों के साथ बैठक की। साथ ही सार्वजनिक सर्कुलर जारी किया गया।
सरकार ने परिवहन विभाग की बसों में दिव्यांगों को किराए में छूट दी हुई है। लेकिन दिव्यांगता के प्रतिशत को लेकर रोडवेज बसों में दिव्यांग और परिचालकों के बीच आए दिन विवाद हो रहे हैं। मंगलवार को सोहराब गेट डिपों सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परवेज बशीर ने अपने कार्यालय पर बैठक बुलायी। उन्होंने कहा कि निगम की बसों में 40 से 80 प्रतिशत तक की दिव्यांगता होने किराए में छूट मिलेगी। साथ ही 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाला व्यक्ति ही अपने साथ सहयोगी व्यक्ति लेकर निगम की बसों में यात्रा कर सकता है। स्टेशन अधीक्षक जोगेंद्र सिंह, ओपी सिंह, आसिफ अली, अनुज कुमार शर्मा, गुलजार सैफी, अनुज प्रकाश त्यागी आदि मौजूद रहे।
प्रमाण देने पर ही मिलेगा लाभ
दिव्यांगों को निगम की बसों में यात्रा के लिए अपना प्रमाण भी देना होगा। यानी दिव्यांग व्यक्ति के पास सीएमओ द्वारा जारी दिव्यांगता का मूल प्रमाण पत्र और मूल आधार कार्ड होना चाहिए। यदि ये प्रमाण नहीं होंगे तो निगम की गाड़ियों में किराए की छूट का लाभ नहीं मिल पाएगा।