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स्मार्ट सिटी प्रपोजल पर मंथन, नहीं कोई नई बात
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मेरठ। स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल मेरठ के प्रपोजल पर मंगलवार को लखनऊ में राज्य और केंद्र सरकार के अधिकारियों के सामने मंथन हुआ। हालांकि बैठक में प्रपोजल के उन्हीं सभी बिंदुओं को मजबूती से प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए, जो भारत सरकार की कमेटी ने दिए थे।
यह बैठक उप्र के उन सभी नगर निगम और नगर पालिकाओं के अधिकारियों की बुलायी गयी थी, जो स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल हैं। मेरठ नगर निगम के अधिशासी अभियंता मोइनुद्दीन, लेखाधिकारी मनोज कुमार ने स्मार्ट सिटी का प्रपोजल रखा। प्रपोजल प्रजेंटेशन के दौरान एक -एक बिंदु पर चर्चा की गयी। मौजूद अधिकारियों ने सबसे अधिक उन्हीं बिंदुओं को छुआ, जिन पर हाल ही में दिल्ली में आयोजित बैठक पर चर्चा हुई थी। हालांकि नगर निगम और कसंलटेंट ने उन सभी बिंदुओं पर संबंधित सभी विभागों से डाटा एकत्रित करके प्रपोजल में शामिल करने का प्रयास किया। उन्हीं बिंदुओं को प्रपोजल में स्थायी रूप से शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। क्योंकि 31 अक्तूबर को उप्र सरकार के माध्यम से प्रपोजल केंद्र सरकार को भेजा जाना है। ताकि मेरठ का नाम स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल हो सके।
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खामियाजा भर रहा मेरठ
स्मार्ट सिटी के लिए मेरठ की जनता ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि और निगम प्रशासन लड़ाई लड़ रहा है। वैसे तो पहली सूची में ही मेरठ का नाम स्मार्ट शहरों की शामिल हो गया था। लेकिन राजनीतिक दलों की वर्चस्व की लड़ाई ने मेरठ के साथ रायबरेली को लाकर खड़ा कर दिया था। जिसके कारण मेरठ और रायबरेली में ए-बी की लड़ाई शुरू हो गयी थी। उसका खामियाजा अब तक मेरठ को भरना पड़ रहा है। राष्ट्रीय पटल पर बार-बार मेरठ की किरकिरी हो रही है। स्मार्ट शहरों की सूची में शामिल होने के लिए मेरठ को हर बार अग्नि परीक्षा देनी पड़ रही है। पिछले माह दिल्ली में भी मेरठ नगर निगम प्रशासन ने प्रजेंटेशन दिया था। जिसमें केंद्र सरकार की टीम ने निगम प्रशासनिक अधिकारी और कंसलटेंट को स्मार्ट सिटी के प्रपोजल में कुछ बदलाव की सलाह दी थी। निगम अधिकारियों ने प्रपोजल में काफी बदलाव किया है।
प्रपोजल में इन बिंदुओं पर हुआ काम
- शहर का वह एरिया जिसे मॉडल के रूप में तैयार करना है
- कैंची उद्योग को शहर से बाहर विकसित किया जाना है
- सराफा बाजार को विकसित करने के लिए क्या बदलाव करना होगा
- मल्टी स्टोरी पार्किँग के लिए क्या नया कर सकते हैं
- शहर में उद्योग को किस तरह बढ़ाया जा सकेगा
- स्मार्ट सिटी बनने के बाद शहर में क्या-क्या बदलाव होगा
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