मेरठ। अगर बिना जुर्माने के जीएसटीआर 3बी दाखिल करना है, तो बुधवार 20 सितंबर 2017 इसे भरने की आखिरी तारीख है। इसके बाद 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा और यह अधिकतम 25 हजार रुपये तक होगी। मेरठ में अभी करीब पांच हजार लोग बचे हैं, जिन्हें यह दाखिल करना है।
राज्य वस्तु एवं सेवा कर के एडिशनल कमिश्नर वीएन सिन्हा ने बताया कि जो करदाता जीएसटीआर 3बी रिटर्न भरेगा, वही जीएसटी का वास्तविक रिटर्न भर सकता है। मेरठ में करीब 18 हजार कारोबारियों को जीएसटीआर 3बी भरना है। अभी करीब 13 हजार लोग इसे दाखिल कर चुके हैं, जो बचेंगे उन्हें जुर्माने के साथ भरना होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटीआर 3बी दाखिल करने की व्यवस्था फिलहाल दिसंबर तक है। इसके बाद जीएसटी के रूटीन रिटर्न ही भरे जाएंगे। इसमें जीएसटीआर-एक और दो के आधार का ब्यौरा आएगा और कर का निर्धारण होगा। यह पहला रिटर्न होगा जो कारोबारी जीएसटी के अंतर्गत दाखिल करेंगे। उन्होंने बताया कि जीएसटीआर काउंसिल ने नई व्यवस्था लागू होने में दिक्कतों को देखते हुए पहले माह रिटर्न दाखिल करने में थोड़ी ढील दी थी।
क्या है जीएसटीआर 3बी
जीएसटीआर 3बी सरल फार्म है। इसमें कुल कारोबार और उन पर बनने वाले टैक्स का संक्षिप्त में ब्यौरा देना होगा और उस हिसाब से टैक्स चुकाना होगा। इसमें बिक्री और बेचे गए सामान की कुल कीमत व उस पर अलग-अलग रूप से बनता आईजीएसटी, सीजीएसटी एसजीएसटी और सैस अलग से दिखाना होगा। इसके अलावा टैक्स के दायरे से बाहर बेचे गए सामान की जानकारी भी देनी होगी। रिवर्स चार्ज में खरीदा गया सामान, उसकी कुल कीमत और उस पर बनते अलग-अलग टैक्स को जोड़ कर कुल बिक्री और उस पर बनते टैक्स की गणना हो जाएगी। इसके बाद खरीदे गए सामान की जानकारी देनी होगी और जिसका क्रेडिट मिलेगा।
- पांच हजार लोग बचे हैं जीएसटीआर 3बी भरने से
- अंतिम तारीख के बाद 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से लगेगा जुर्माना
- 25 हजार रुपये तक हो सकता है अधिकतम जुर्माना