ओड़िसा के छतरपुर जिले के एसएसपी ने सरकारी नौकरी पाने वाली सुधा रानी व अरुणा की एमएसडब्ल्यू की डिग्री भेजी हैं, जो जांच में फर्जी निकली। बंगलूरु पुलिस ने डिपार्टमेंट ऑफ कॉलिजिएट एंड टेक्निकल एजुकेशन में सरकारी नौकरी पाने वाली नगाना गौड़ा, देवेंद्र व सचिन कुमार की डिप्लोमा इन लाइब्रेरी साइंस की डिग्री जांच के लिए भेजी। विवि ने डिग्री फर्जी होने की रिपोर्ट भेज दी है। इसकी वजह विवि में डिप्लोमा इन लाइब्रेरी साइंस का पाठ्यक्रम संचालित नहीं होता है। ज्योतिश्री ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी हासिल की है। जब सीसीएसयू ने राजनीति विज्ञान में 2019 में मिली पीएचडी की डिग्री का रिकॉर्ड से मिलान किया तो ज्योतिश्री के नाम की कोई डिग्री नहीं मिली। विवि के गोपनीय विभाग ने जांच करके अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में पंजीकरण के लिए आई राघव की एलएलबी व बीसीए की डिग्री जांच के लिए भेजी, जो फर्जी निकली। बार काउंसिल ऑफ चंडीगढ़ ने वर्ष 2002 में जारी एलएलबी की डिग्री सत्यापन को भेजी है, वह भी फर्जी निकली है। करम पब्लिक स्कूल की तरफ से एक युवती की बीएड की डिग्री जांच के लिए भेजी है, इसका भी रिकॉर्ड विवि में नहीं मिला है। वहीं, गलत तरीके से डिग्री बनवाने वाले सत्यता जानने के लिए जनसूचना अधिकार और डाक के माध्यम से पत्र भेजकर अपनी-अपनी डिग्रियों की जांच करवा रहे हैं।
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