मेरठ। स्व-गणना के साथ जनगणना-2027 का आगाज हो गया है। शुक्रवार को सांसद-विधायक, कमिश्नर-डीआईजी सहित 3800 लोगों ने अपने मोबाइल से स्व-गणना पूरी की। डिजिटल माध्यम से स्वयं की गणना करने की इस नई व्यवस्था को लेकर लोगों में पहले दिन ही उत्साह देखा गया। अफसरों ने अपील की है कि मोबाइल से लोग स्व-गणना करने के लिए बढ़-चढ़ कर आगे आएं।
कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्व-गणना प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। इससे पहले सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत कई नेताओं और अफसरों ने भी यह प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान कई अफसरों ने डिजिटल जनगणना प्रणाली , उसकी उपयोगिता व जनसहभागिता के महत्व पर विस्तार से जानकारी देकर मोबाइल से स्व-गणना की प्रक्रिया कराई। स्व-गणना की प्रक्रिया एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी और जनगणना मंडल प्रभारी अभिमन्यु सिंह की टीम कर रही है। 2027 में पहली बार बड़े स्तर पर डिजिटल और सेल्फ एन्यूमरेशन व्यवस्था को लागू किया जा रहा है, ताकि नागरिक घर बैठे सुरक्षित और सरल तरीके से अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।
इस नई प्रणाली से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि जनगणना प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और प्रभावी भी बनेगी। डिजिटल माध्यम से आंकड़े सीधे सुरक्षित सर्वर पर दर्ज होंगे। इससे त्रुटियों की संभावना कम होगी और डेटा संकलन तेज गति से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश और समाज के भविष्य की योजना की आधारशिला है। सही और सटीक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, पेयजल, सड़क और अन्य आधारभूत सुविधा की योजना तैयार करती है। स्व-गणना प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल बताई है।