छात्र नौकरी के लिए पीएचडी करते हैं। लेकिन अगर कोई रिटायरमेंट के बाद पीएचडी करे तो हैरत जरूर होगी। आर्मी के तीन डायरेक्टर जनरल रिटायरमेंट के बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के छात्र बने हैं। 38 साल सेना की सेवा में इनके सीने पर कई मेडल सजे हैं। ये अपने-अपने विषय में माहिर हैं।
कोई साइबर की दुनिया का एक्सपर्ट है, तो कोई ऑपरेशन लॉजिस्टिक में मास्टर। जंग के मैदान में दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के बाद अब ये सामान्य छात्र बन गए हैं। छह महीने की कोर्स वर्क की क्लास इन्होंने रेग्युलर अटेंड की। हाल में इन तीनों अधिकारियों की पीएचडी की आरडीसी (रिसर्च डेवलेपमेंट कमेटी) की बैठक हुई है। इसमें टॉपिक और सुपरवाइजर फाइनल हुए हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह
लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह मिलिट्री इंटेलीजेंस के डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हुए हैं। इनको सेना के परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल मिला है। सिंह ‘रिसेंट ट्रेंड्स इन इंडिया चाइना रिलेशंस’ विषय पर पीएचडी कर रहे हैं।
इना को लेकर भारत ने नार्थ ईस्ट में सीमा पर जो स्पेशल कोर तैनात की थी, उसकी कमांड लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह के पास थी। चीन के साथ भारत के संबंध को लेकर वह रिसर्च करते रहे हैं। वह दो विषयों में एमफिल हैं। एमफिल डिफेंस स्टडी और एमफिल वॉर एंड सिक्योरिटी में की है। वह डॉ. संजय कुमार के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं।
इसलिए कर रहे पीएचडी
आरएन सिंह का कहना है कि डिफेंस स्टडी में वे पीएचडी इसलिए कर रहे हैं कि जो फील्ड की प्राइमरी नॉलेज उनके पास है, उसे शोध के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं। पीएचडी मेरे लिए डिग्री नहीं सम्मान है। शोध की गुणवत्ता को अपने अनुभव से बेहतर करने की कोशिश करेंगे। देश की सुरक्षा और उसकी गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए पीएचडी के माध्यम से अच्छा इनपुट देंगे। सीसीएसयू और मेरठ कॉलेज के डिफेंस स्टडी विभाग का आभारी हूं। यहां आर्मी ऑफिसर को हायर स्टडी का मौका दिया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल राकेश चंद चड्डा
लेफ्टिनेंट जनरल राकेश चंद चड्डा ऑपरेशनस लॉजिस्टिक्स के डायरेक्टर जनरल पद से रिटायर हुए हैं। इनको परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल मिला है। वह ‘कंपैरेटिव स्टडी ऑफ इंडिया चाइना लॉजिस्टिक्स सिस्टम’ विषय पर पीएचडी कर रहे हैं। वह डीजी लॉजिस्टक्स रहे हैं, इसलिए बेस काफी मजबूत है।
इसलिए कर रहे पीएचडी
राकेश चंद चड्डा का कहना है वह पीएचडी इसलिए कर रहे हैं कि जो भी उनके फील्ड की जानकारी है, उसे वह शोध के माध्यम से सामने लाएं। भविष्य में शोधार्थियों को ऐसा लिटरेचर उपलब्ध कराना चाहते हैं जो उनको आगे बढ़ा सके। उनके लिए पीएचडी रोजगार का नहीं नॉलेज का साधन है।
लेफ्टिनेंट जनरल सुनित कुमार
लेफ्टिनेंट जनरल सुनित कुमार इंफोरमेशन सिस्टम के डायरेक्टर जनरल के पद से रिटायर हो चुके हैं। साइबर सिक्योरिटी में उन्हें महारथ हासिल है। लंबे समय तक उन्होंने साइबर सिक्योरिटी पर काम किया। उनकी पीएचडी का विषय भी साइबर सिक्योरिटी है। वह डॉ. अनुराग जायसवाल के निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं।
इसलिए कर रहे पीएचडी
सुनित का कहना है साइबर सिक्योरिटी आज दुनिया के सामने चुनौती है। सेना की सेवा करने के दौरान उन्हें जो अनुभव मिला, उसे शोध के जरिए दूसरों के सामने लाएंगे। समस्या के समाधान के लिए सुझाव देंगे। विचार और अनुभव के लिए पीएचडी बड़ा प्लेटफार्म है। क्वालिटी को ध्यान में रखकर शोध कर रहा हूं।
वर्जन
विवि के लिए यह गर्व की बात है कि आर्मी के तीन रिटायर डायरेक्टर जनरल उसके शोधार्थी हैं। सेना की लंबी सर्विस के अनुभव का फायदा शोध में मिलेगा और उनके शोध का स्तर भी अच्छा होगा।
- प्रो. एचएस सिंह, प्रतिकुलपति, सीसीएसयू