एक समय था जब महिलाएं घरों के अंदर रहकर घूंघट की ओट में अपना जीवन मान मर्यादा और प्राचीन परंपराओं के चलते पूरा करती थी। आज महिलाएं गांव की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। हस्तिनापुर क्षेत्र में 37 फीसदी गांव में महिलाओं की सरकार बनेंगी।
वर्तमान समय में महिलाएं लोक लाज से परे हटकर देश और समाज सेवा के लिए आगे आ रही है। ग्राम पंचायत चुनाव में भी महिलाएं अपनी सरकार बनाने के लिए जोर-शोर से प्रचार-प्रसार में जुटी हैं। विकासखंड की 46 ग्राम पंचायतों में 17 ग्राम प्रधान के पद महिला प्रत्याशियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। महिलाओं के लिए आरक्षित गांव में भी एक गांव से आठ-10 तक प्रत्याशी है। जो यह कहने के लिए काफी है कि आज हर व्यक्ति महिलाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। वहीं जिला पंचायत और बीडीसी की सीटों पर भी महिलाएं जोर-अजमाइश कर रही है।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं
अब महिलाएं सिर्फ चूल्हा चौका तक सीमित नहीं है। घर की चौखट को लांगकर वह भी आज समाज के हर चेहरे के साथ खड़ी है। चाहे जनप्रतिनिधि के तौर पर हो या अधिकारी हो या फिर खेती किसानी का काम हो हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती जा रही है।
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समर्थकों के साथ घर-घर पहुंच रहे प्रत्याशी
ग्राम पंचायत चुनाव में प्रचार-प्रसार जोरों पर है। प्रत्याशी दिन-रात प्रचार कर रहे हैं। जिधर भी देखो उधर प्रत्याशियों के होर्डिंग नजर आ रहे हैं। प्रचार के दौरान समर्थक लोगों को चुनाव चिन्ह बताने के लिए पंपलेट बांट रहे हैं। इस दौरान मिठाइयों का भी वितरण किया जा रहा है। प्रत्याशी समर्थकों के साथ घर-घर जा रहे हैं। गांव की दीवारें और चौपालों पर अलग-अलग प्रत्याशियों के बैनर होर्डिंग लगा दिए गए हैं।
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