चुनाव और पूर्वांचल में गईं 357 रोडवेज बसें
मेरठ। पंचायत चुनाव और पूर्वांचल के लिए रोडवेज की 357 बसें जा चुकी हैं। इस कारण लोकल रूटों पर बसों की संख्या कम होने से आने वाले समय में दिक्कत पैदा हो सकती हैं। लॉकडाउन की स्थिति में बाहर से आने वाले लोगों को उनके घर तक पहुंचाने के लिए बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।
पंचायत चुनाव के लिए रोडवेज से 107 बसें पहले ही ले ली गई थीं। इस बीच दिल्ली में लगे लॉकडाउन के चलते वहां से निकले श्रमिकों को पूर्वांचल के जिलों में पहुंचाने के लिए अब तक मेरठ रीजन से 250 बसों को भेजा जा चुका है। सोमवार को जहां 150 बसें भेजी गई थी, वहीं मंगलवार को भी 100 बसें भेजी गईं। इसमें 35 बसें सोहराब गेट डिपो से, 30 बसें मेरठ डिपो से, 20 अनुबंधित बसें भैसाली डिपो से और 20 बसें बड़ौत डिपो से भेजी गई है।
रीजन के पास अब करीब 400 बसें हीं बची हैं। इसमें से करीब 10 फीसदी बसें खराब होने के चलते ऑफ रोड रहती है। आरएम केके शर्मा ने बताया कि श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाने के जितनी बसों की मांग की जा रही है उसे पूरा किया जा रहा है। लोकल रूटों का भी ख्याल रखा जा रहा है।
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पुरकाजी से ही लौट रहीं यूपी रोडवेज की बसें
नोएडा। प्रदेश में संक्रमण बढ़ने की वजह से उत्तराखंड सरकार ने अपनी सीमा में यूपी रोडवेज की बसों का प्रवेश बंद कर दिया है। अब यूपी रोडवेज की बसें हरिद्वार से पहले पुरकाजी तक ही जा रही हैं। यह बसें तीन दिन से हरिद्वार नहीं जा रही हैं। ब्यूरो