मेरठ। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अक्षय कुमार ने फरीदाबाद निवासी एक महिला और युवक पर एनजीओ में अनुदान दिलाने का झांसा देकर 33.20 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि एक युवक ने खुद को फरीदाबाद की एक यूनिवर्सिटी का प्रबंधक बताया था। यह वही यूनिवर्सिटी है जहां दिल्ली के लाल किला ब्लास्ट मामले में एनआईए ने छापा मारा था। अक्षय ने शुक्रवार को एसएसपी ऑफिस पर शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी ने थाना पुलिस को जांच के निर्देश दिए।
पांडव नगर निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि उनकी मुलाकात एक वर्ष पूर्व एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को हरियाणा की एक अल-फलाह यूनिवर्सिटी का प्रबंधक बताया था। बताया कि वह छह महीने पहले उस व्यक्ति से मिलने के लिए दिल्ली गया था। वहां उसके साथ एक महिला भी मौजूद थी। आरोप है कि दोनों ने उससे मेरठ में एक एनजीओ खोलने के लिए कहा था। उन्होंने दावा किया था कि वह एनजीओ के लिए मंत्रालय से अनुदान दिलाएंगे। आरोप है कि उन दोनाें ने बताया था कि उनकी खुद की 56 एनजीओ चल रही हैं।
अक्षय ने बताया कि आरोपियों की बातों में आकर उसने सितंबर 2025 में उनके खाते में पहले 2.60 लाख और फिर 10.20 लाख रुपये डाले थे। इस तरह से कई बार में उसने आरोपियों को 33.20 लाख रुपये दे दिए थे। अक्षय ने बताया कि जब उसने आरोपियों से एनजीओ की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कहा तो दोनों बहाना बनाने लगे। इसके बाद आरोपियों ने उसका फोन भी उठाना बंद कर दिया था। किसी तरह आरोपियों से संपर्क किया तो आरोपियों ने मारने की धमकी दी। इसके बाद अक्षय को खुद के साथ धोखाधड़ी का एहसास हुआ था। अक्षय ने जांच की तो पता चला कि आरोपी युवक ने अपना नाम गलत बताया था। वह किसी यूनिवर्सिटी का प्रबंधक नहीं है। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि शिकायत पत्र के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई होगी।