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321 कोरोना मरीज लापता, प्रशासन परेशान

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321 कोरोना मरीज लापता, प्रशासन परेशान
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मेरठ। पहचान छिपाकर कोरोना की जांच कराने वाले लोग प्रशासन के लिए मुसीबत बने हुए हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग उनका पता नहीं लगा पा रहा है। ऐसे में संक्रमण की चेन को रोक पाना विभाग के लिए मुश्किल हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती और आइसोलेट मरीजों की कुल संख्या सक्रिय मरीजों से कम है। आंकड़ों में 321 मरीजों का अंतर है। इन लापता मरीजों के बारे में विभाग को कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।
आइसोलेट होने के भय के चलते शुरुआत से ही कई कोरोना मरीज अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते चले आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड से भी कई मरीज पुलिस को चकमा देकर अस्पताल से फरार हो चुके हैं। कई लोगों ने नाम बदलकर कोरोना जांच कराई और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद गायब हो गए। इसके बाद आधार कार्ड लेकर टेस्ट किए जाने लगे। इसके बावजूद लापता मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से दो अक्तूबर की रात जारी रिपोर्ट में सक्रिय मरीजों की संख्या 2057 बताई गई। 1105 मरीज होम आइसोलेशन में बताए गए। इनके अलावा मेडिकल कॉलेज, मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज, सुभारती अस्पताल, पांचली अस्पताल और आनंद अस्पताल में 631 मरीज भर्ती थे। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या भर्ती और होम आइसोलेशन के मरीजों की संख्या से 321 कम है। सीएमओ डॉॅ. राजकुमार सिंह का कहना है कि कोरोना के लापता मरीजों को तलाश चल रही है। 30 मरीजों की जानकारी नहीं मिल पा रही है। अन्य मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिए गए हैं।
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