मतगणना स्थल पर प्रत्याशी का टेंट चुनावी खर्च में शामिल
चुनाव व्यय टीम के स्थानीय प्रेक्षक ने कताई मिल पहुंचकर ली जानकारी
व्यय प्रेक्षक को बसपाइयों ने निर्वाचन आयोग की टीम समझ खाली संदूक का मामला उठाया
मेरठ। लोकसभा चुनाव की मतगणना 23 मई को होनी है। मेरठ जनपद की मतगणना कताई मिल परिसर में होगी। मतदान के बाद से ईवीएम भी कताई मिल परिसर के स्ट्रांग रूमों में रखी हुई है। जिसकी सुरक्षा में 24 घंटे सुरक्षाबल और मजिस्ट्रेट तो तैनात हैं ही, साथ ही बसपा प्रत्याशी ने भी कताई मिल परिसर के गेट पर अपना टेंट लगाकर कार्यकर्ता बैठा रखे हैं।
शुक्रवार को प्रत्याशियों के चुनाव व्यय पर नजर रखने वाली टीम के अधिकारी कताई मिल परिसर पहुंचे और बसपा प्रत्याशी के टेंट में पहुंचकर उस पर आने वाले प्रतिदिन के खर्च की जानकारी लेने के साथ टेंट में क्या क्या सुविधाए हैं, उनका ब्यौरा तैयार किया। व्यय टीम के अधिकारी ने कहा कि यह खर्च प्रत्याशी के खाते में जोड़ा जाएगा।
बसपाई समझे निर्वाचन आयोग की टीम
व्यय टीम को लेकर बसपाइयों की सोच से हास्यास्पद स्थिति बन गई। व्यय टीम ने टेंट के व्यय के बारे में पूछा तो बसपाई समझे कि यह निर्वाचन आयोग की टीम आई है, जो उनके द्वारा पिछलों दिनों की गई शिकायत की जांच करने आई है। इस दौरान वहां मौजूद बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रधान ने टीम अधिकारी से कहा कि तीन दिन पूर्व बिना किसी पूर्व सूचना के एक मैटाडोर अंदर गई और कुछ संदूक उताकर वापस चली गई। उन्हें अंदेशा है कि ईवीएम बदलने का प्रयास हो रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बसपा प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी के पुत्र इमरान से भी टीम अधिकारी की फोन पर वार्ता कराई। यही नहीं बसपाइयों ने मीडिया को भी यही जानकारी दी कि उनकी शिकायत पर निर्वाचन आयोग की टीम जांच करने आई है।