सभी केंद्रों के लिए
अंतिम दिन प्राइवेट परीक्षा फॉर्म में गड़बड़ी ठीक कराने को रही मारामारी
छात्राओं को आ रही सबसे ज्यादा परेशानी, दूर हो रहा कॉलेजों का आवंटन
मेरठ। सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में इस बार नए नियमों से भरे जा रहे प्राइवेट परीक्षा फार्म में छात्र-छात्राएं घनचक्कर बन गए हैं। छात्राओं को सेकेंड ईयर में दूर के कॉलेज मिल रहे हैं तो वहीं, गड़बड़ी ठीक कराने को बुधवार को कैंपस के 309 कमरा नंबर में बनाए गए सेंटर पर सुबह से शाम तक भीड़ रही। अंतिम दिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं की समस्या दूर नहीं हो पाई। बृहस्पतिवार से कॉलेजों के आवंटन में ये समस्या और बढ़ सकती है।
सीसीएसयू से संबद्ध कॉलेजों में पिछली साल छात्र-छात्राएं कॉलेजों से प्राइवेट फार्म भरते थे। इसमें छात्रों को कोई परेशानी नहीं होती थी। जिसके जो पास रहता था वो वही कॉलेज भर देता था। लेकिन इस बार सीसीएसयू प्रशासन ने फार्म भरने की पूरी प्रक्रिया को ही बदल दिया। इस बार से लागू किया गया कि छात्र-छात्राएं दो जिले के तीन कॉलेजों का विकल्प भरेंगे। इसके बाद यूनिवर्सिटी अपनी मर्जी से कॉलेजों का आवंटन करेगी। आवंटन नंबरों के आधार पर होगा या फिर पहले रजिस्ट्रेशन के आधार पर कॉलेज मिलेंगे। ये भी कुछ स्पष्ट नहीं किया गया। ऐसे में 18 जनवरी से भरे जा रहे बीए, बीकॉम एवं एमए और एमकॉम में फर्स्ट ईयर के छात्रों ने बुधवार तक परीक्षा फार्म तो भर दिए लेकिन कॉलेजों का आवंटन अब बृहस्पतिवार से शुरू होगा। नई व्यवस्था से छात्रों को क्या फायदा होगा, इसका अभी तक किसी को पता नहीं है। दूसरा नया नियम ये बना दिया गया कि जिस छात्र-छात्रा ने पिछली साल फर्स्ट ईयर जहां से किया था, इस बार वो वहां से फार्म नहीं भर सकता है। ऐसे छात्रों को सेकेंड ईयर में दूसरे कॉलेज मिलेंगे। ऐसा करने से फायदा तो छात्रों को होगा नहीं बल्कि उनकी फर्स्ट ईयर और सेकेंड ईयर की मार्कशीट में कॉलेज का नाम जरूर बदल जाएगा। ऐसे में सवाल ये है कि क्या फर्स्ट ईयर की सभी मार्कशीट बदली जाएंगी।
छात्राएं सबसे अधिक परेशान
कॉलेज बदलने से सबसे ज्यादा मुसीबत छात्राओं को आ रही हैं। बुधवार को कैंपस पहुंची छात्राओं ने बताया कि पिछले साल उन्होंने एनएएस कॉलेज से फर्स्ट ईयर का फार्म भरा था, लेकिन इस बार फार्म भरने के बाद उन्होंने प्रिंट लिया तो उसमें कॉलेज मवाना का आया। छात्राओं ने कहा कि इतनी दूर जाने से अच्छा है कि वे इस साल पेपर ही नहीं देंगी। फार्म ठीक कराने पहुंचे बागपत के छात्र राहुल ने बताया कि उसने पूरा फार्म सही भरा है लेकिन मोबाइल पर फार्म के इनवैलिड नहीं होने का मेसेज आ गया। जिसमें उसको 309 कमरा नंबर पर पहुंचने के लिए कहा गया। राहुल ने बताया कि चार घंटे से लाइन में लगा हूं लेकिन अभी तक भी नंबर नहीं आया है। देर शाम तक भी छात्र भटकने को मजबूर रहे।
छात्र प्राइवेट के कोड भर गए रेग्युलर
कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें छात्र तो प्राइवेट के थे लेकिन उनके फार्म रेग्युलर के भर गए। इसका पता छात्रों को तब चला जब वे फार्म जमा कराने के लिए कॉलेज गए।
आज से कॉलेजों का आवंटन
बृहस्पतिवार से यूनिवर्सिटी छात्र-छात्राओं को कॉलेजों का आवंटन करेगी। एक लाख से ज्यादा नए छात्र-छात्राओं को कॉलेजों का आवंटन होना है। इसके बाद कॉलेजों को इन प्रिंट आउट को कैंपस में जमा कराने की अंतिम तिथि 11 फरवरी रखी गई है। यूनिवर्सिटी की परीक्षा 21 फरवरी से होनी हैं। ऐसे में 10 दिन का ही समय बचता है।
साथ-साथ डाउनलोड करने पड़ेेंगे प्रवेश पत्र
ऐसे में इन 10 दिन में ही यूनिवर्सिटी को सारा काम करना पड़ेगा। आमतौर पर सप्ताह भर पहले एडमिट कार्ड छात्रों को मिल जाने चाहिए। लेकिन जितना समय बचा है उसमें परीक्षा से एक-दो दिन पहले ही एडमिट कार्ड के वेबसाइट पर आने की संभावना है। ये भी तब संभव होगा जब आवंटन ठीक से हो जाएगा। अभी तो छात्रों को ये भी पता नहीं है कि आवंटन किस प्रक्रिया से होगा।