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ओडीएफ डबल प्लस के दावों में फेल हो गया नगर निगम

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ओडीएफ डबल प्लस के दावों में नगर निगम फेल
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- समय से रिपोर्ट प्रस्तुत न करने का नतीजा, मथुरा, वृंदावन, कानपुर और आगरा सफल
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ। ओडीएफ डबल प्लस के लिए किए गए नगर निगम के दावों की भी हवा निकल गई है। प्रदेश के कई शहरों ने डबल प्लस में बाजी मारी है, लेकिन मेरठ नगर निगम समय पर अपने दावे वेबसाइट पर नहीं डाल पाया। इसके कारण सर्वेक्षण एजेंसी ने नगर निगम के दावों को प्रतियोगिता में शामिल ही नहीं किया।
भारत सरकार ने सभी शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया था। सत्यापन और मूल्यांकन के लिए टीम मेरठ पहुंची थी। महानगर को ओडीएफ घोषित करने की पूरी रिपोर्ट 31 दिसंबर तक स्वच्छ भारत मिशन की वेबसाइट पर डालनी थी। इसमें शौचालय की रिपोर्ट के साथ साथ शहर में खुले में शौच न किए जाने का पक्ष रखना था। नगर निगम ने वेबसाइट पर ओडीएफ की रिपोर्ट 31 दिसंबर के बाद डाली। इसके चलते मेरठ नगर निगम की रिपोर्ट पर विचार नहीं किया गया।
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वहीं नगर निगम प्रशासन की माने तो कुछ तकनीकी दिक्कत से अंतिम दिन ही रिपोर्ट जारी हुई थी। इस कारण मेरठ पर विचार नहीं हो पाया है। भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक मथुरा, वृंदावन, कानपुर और आगरा ने ओडीएफ डबल प्लस में बाजी मार ली है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 के तहत चयनित होने वाले शहरों में एक बार फिर मेरठ को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। क्योंकि हर बिंदु पर नगर निगम के अंक कट रहे हैं।
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ऑनलाइन फीडबैक में भी खायी मात
स्वच्छता सर्वेक्षण 2019 मेें सरकार ने महानगर की जनता से फोन पर और एप के माध्यम से शहर की स्वच्छता रिपोर्ट ली थी। इसमें नगर निगम प्रशासन और महानगर की जनता ने फीडबैक देने में रुचि नहीं दिखायी। इसका खामियाजा भी शहर को भरना पड़ रहा है। सिर्फ 1604 लोगों ने ही स्वच्छता सर्वेक्षण में फीडबैक देने में रुचि दिखाई। फीडबैक पर 1200 अंक मिलने थे। ओडीएफ डबल प्लस में सफलता पर भी अंक मिलने थे।
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