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हवाई उड़ान और बेंच से पहले गंगा एक्सप्रेस-वे का तोहफा

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हवाई उड़ान और बेंच से पहले गंगा एक्सप्रेस-वे का तोहफा
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मेरठ। प्रदेश सरकार ने पश्चिम से पूरब के बीच सड़क मार्ग को बेहतर बनाने के लिए लोगों को कुंभ नगरी प्रयागराज से तोहफा दिया है। कुंभ नगरी में हुई कैबिनेट बैठक में मेरठ से प्रयागराज तक 36 हजार करोड़ की लागत से छह लेन के बनाए जाने वाले मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेस-वे को बनाने का एलान किया है। हालांकि, मेरठ में हवाई उड़ान शुरू करने और हाईकोर्ट बेंच की मांग स्थापित करने की मांग अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। कई बार इस मामले को लेकर जनप्रतिनिधि सरकार के पास पहुंचे। लेकिन कोई हल नहीं निकल सका है।
पश्चिम में बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले मेरठ को यह तोहफा दिया गया। सरकार की मंशा साफ है कि पश्चिम में वोट बैंक को साधने के लिए मेरठ पर फोकस करना जरूरी है। मेरठ से निकलने वाले इस एक्सप्रेस-वे को 12 शहरों से गुजारने का प्लान तैयार हुआ है। यह मेरठ से शुरू होकर अमरोहा, बुलंदशहर होते हुए प्रयागराज तक पहुंचेगा।
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इससे भला नहीं होगा
केंद्र सरकार के साढ़े चार साल और प्रदेश सरकार के डेढ़ साल होने के बाद भी मेरठ की दो प्रमुख मांगों को पूरा न होने की वजह से यहां के लोगों में निराशा का माहौल है। हाल ही में उड़ान की सूची में सहारनपुर को शामिल कर लिया गया। लेकिन यहां भी मेरठ के साथ धोखा किया गया। इसके अलावा मेरठ से प्रयागराज को जाने वाली संगम और नौचंदी एक्सप्रेस की लेटलतीफी भी यात्रियों को परेशान करती रही है। लंबे समय से यह ट्रेन प्रयागराज से समय पर मेरठ नहीं पहुंची हैं।
फिलहाल 730 किमी का सफर
गूगल मैप के मुताबिक मेरठ से वाया नोएडा होकर, कानपुर के रास्ते प्रयागराज का सफर 730 किलोमीटर का है। हालांकि सरकार इस गंगा एक्सप्रेस-वे की दूरी के 600 किलोमीटर होने का दावा कर रही है लेकिन गूगल मैप की केलकुलेशन के मुताबिक यह जिन स्थानों से इस एक्सप्रेस-वे के निकाले जाने की घोषणा की गई है। उसकी कुल दूरी 900 किलोमीटर से अधिक आ रही है।
सोशल मीडिया पर छाया मेरठ
कैबिनेट बैठक में घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर मेरठ छाया रहा। सोशल मीडिया सहित विकीपीडिया पर भी गंगा एक्सप्रेस-वे को अपडेट कर दिया गया। इसकी शुरुआत मेरठ से ही लिखी गई और अंतिम छोर प्रयागराज लिखा गया। इसके अलावा ट्विटर ट्रेंड में भी यह चलता रहा।
यह निर्णय प्रशंसनीय
प्रयागराज में अक्षय वट के नीचे बैठकर मेरठ से प्रयागराज एक्सप्रेस-वे का यह निर्णय प्रशंसनीय है। हम मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को धन्यवाद बोलते हैं। मेरठ से दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे होकर गुजरेगा। -राजेंद्र अग्रवाल, सांसद
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स्वागत है फैसले का
इस फैसले का स्वागत करता हूं। गंगा किनारे से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे से वहां के स्थानों का निर्माण होगा। लेकिन यह एयर कनेक्टिविटी और हाईकोर्ट का विकल्प नहीं है। - डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा
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