सरकारी ब्लड बैंकों से अब निशुल्क मिलेगा खून
मेरठ। सरकारी चिकित्सालय में भर्ती मरीज को अब आसानी से खून उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही उसे कोई प्रोसेसिंग शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा, सिर्फ बदले में रक्त देना होगा। प्रदेश सरकार ने यह व्यवस्था कर इस संबंध में ब्लड बैंकों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
अभी तक सरकारी ब्लड बैंकों में व्यवस्था यह थी कि रक्त लेने के लिए रक्त देना पड़ता था और साथ में प्रोसेसिंग शुल्क यानि एक निर्धारित राशि देनी होती थी। सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए 200 से 400 रुपये और निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए 300 से 1050 रुपये। निजी अस्पताल के लिए तो अभी भी यही व्यवस्था रहेगी, लेकिन सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों के लिए प्रोसेसिंग शुल्क खत्म कर दिया गया है। इसकी भरपाई को मेरठ के सरकारी चिकित्सालयों के लिए प्रदेश सरकार 62 लाख 51 हजार 597 रुपये वहन करेगी बता दें कि तीनों सरकारी अस्पतालों (जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज) में भर्ती मरीजों को हर माह करीब 600-800 यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है।
20 हजार से ज्यादा यूनिट होता है रक्त
मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हर साल 20 से 22 हजार यूनिट रक्त इकट्ठा होता है। इनमें से 500 से 600 यूनिट ब्लड को नष्ट करना पड़ता है। क्योंकि यह खून जांच में बीमार व्यक्ति का या खराब मिलता है।
सरकारी चिकित्सालयों में यह थी प्रोसेसिंग फीस
रक्त चार्ज
होल ब्लड 400 रुपये प्रति यूनिट
पैक्ड रेड सेल्स 400 रुपये प्रति यूनिट
फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा 200 रुपये प्रति यूनिट
प्लेटलेट्स 200 रुपये प्रति यूनिट
निजी अस्पताल में भर्ती मरीज को देना होगा चार्ज
रक्त चार्ज
होल ब्लड 1050 रुपये प्रति यूनिट
पैक्ड रेड सेल्स 1050 रुपये प्रति यूनिट
फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा 300 रुपये प्रति यूनिट
प्लेटलेट्स 300 रुपये प्रति यूनिट
स संबंध में आदेश प्राप्त हो गया है। व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब सरकारी चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को प्रोसेसिंग शुल्क नहीं देना पडे़गा। बदले में रक्त ही देना पड़ेगा, जबकि निजी चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों के लिए सरकारी ब्लड बैंक से प्रोसेसिंग शुल्क पूर्व की तरह ही लिया जाएगा। - कौशलेंद्र सिंह, ब्लड बैंक इंचार्ज, जिला अस्पताल