मेरठ। फिजियोथैरेपी चिकित्सा विभिन्न क्षेत्रों आर्थोपेडिक, न्यूरो, कार्डियो पल्मोनरी और स्पोर्ट्स आदि के लिए लाभदायक साबित हो रही है। फिजियोथैरेपी में नई-नई तकनीक विकसित हो रही हैं इनसे शरीर के कई तरह के दर्द जल्द दूर हो जाते हैं। मायोफेशियल मेरीडियनस इन्हीं में से एक ऐसी तकनीक है जिससे शरीर का स्ट्रक्चर बैलेंस किया जाता है। जब स्ट्रक्चर बैलेंस हो जाता है तो शरीर का दर्द खत्म हो जाता है।
दिल्ली रोड स्थित एक होटल में फिजियोथैरेपी की अत्याधुनिक तकनीक विषय पर कार्यशाला हुई। इसमें आसपास के शहरों के 25-30 फिजियोथैरेपिस्ट शामिल हुए। मध्य प्रदेश से आए फिजियो डॉ. अमित निमा ने बताया कि आज दर्द एक ऐसी स्थिति हो गई है जिससे अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। कुछ दर्द ऐसे होते हैं जिनका अत्याधुनिक मशीनों द्वारा भी पता करना मुश्किल है। फेशिया मांसपेशियों का एक आवरण होता है। इस फेशिया के सख्त होने से कई तरह के दर्द होने लगते हैं। इंटीग्रेशन मायोफेशियल मेरीडियनस तकनीक द्वारा इससे छुटकारा मिल रहा है। इस तकनीक को कुशल फिजियो अपने हाथों से करते हैं। इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। डॉ. केपी सैनी ने बताया कि इस तकनीक के जरिए मांसपेशियों के दर्द, नसों के दर्द, जोड़ों के दर्द, रीढ की हड्डी के दर्द और ऑपरेशन के बाद आने वाली विभिन्न समस्याओं का इलाज किया जाता है। डॉ. अक्षय भारद्वाज, डॉ. मुकेश, डॉ. संजय, डॉ. नितिशा, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. आरएन सैनी, डॉ. राकेश, डॉ. आदेश, डॉ. गौरव अग्रवाल आदि मौजूद रहे।