नाला सफाई अभियान
ओडियन नाले की सफाई में जुटा निगम
मेरठ। नगर निगम ने नालों की सफाई पर फॉक्स कर दिया है। पुराने कमेले के सामने ओडियन नाले पर दूसरे दिन भी निगम की पोर्कलेन चली। चार दर्जन से अधिक ट्राली कूड़ा निकाला गया। लेकिन अभी तक भी नाले में पानी की गति तेज नहीं हो पाई है। नगर निगम ने इसके अलावा मनसबिया पुलिया पर भी नाले की सफाई कराई।
आसमान में प्री मानसून के बादल मंडराने शुरू हो गए हैं। बरसात होने पर शहर के नालों की पोल खुल सकती है। क्योंकि अभी नगर निगम पूरी तरह से नाला सफाई में कामयाब नहीं हो सका है। अमर उजाला ने अभियान चलाया तो निगम की मशीनरी नाला सफाई के लिए तैयार हुई। हापुड़ रोड स्थित पुराना कमेले के सामने ओडियन नाले की पुलिया पूरी तरह चौक थी। आधा किलो मीटर तक नाले में भरी सिल्ट पर बच्चे खेलते फिर रहे थे। कई बच्चों को नाले के भीतर सिल्ट पर घूमते भी देखा गया। जिसको अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद निगम ने नाला सफाई को मशीनें लगाई। दूसरे दिन भी दिन भर ओडियन नाले की सफाई चली। दिल्ली रोड डिपो प्रभारी गजेंद्र कुमार का कहना है कि दूसरे दिन भी लगभग 50 ट्रॉली कूड़ा निकाला गया। जिसको हापुड़ रोड स्थित डंपिंग ग्राउंड पर डाला गया है। नालों में गोबर बहाए जाने के कारण सफाई के चार दिन बाद ही पुलियों के आसपास सिल्ट जमा हो जाती है।
रेलवे रोड चौराहा के निकट भी नाला सफाई
नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे रोड चौराहा के निकट मनसबिया के सामने नाले की पुलिया पर सफाई की। यह नाला रौनक पुरा से निकलता है। क्षेत्र में डेयरी अधिक होने के कारण नालों में गोबर भरा रहता है। जिसके कारण नाले तीन-चार दिन बाद ही चौक हो जाते हैं। नगर निगम ने पोर्कलेन मशीन से नाले की सफाई की। नगर निगम टीम का दावा है कि 15 ट्रॉली से अधिक गोबर निकाला गया। उसके बाद भी स्थिति जस की तस है। नाला सफाई लगातार चलेगी।
खास बातें:
- दूसरे दिन भी लगी रही मशीनें
- दिन भर निकाला गया नाले से कूड़ा
- लगातार मशीन चलने के बाद भी नहीं लगता नाला होगा साफ