मेरठ। 1857 में धनसिंह सदर थाने के कोतवाल थे। अंग्रेजों के खिलाफ धनसिंह ने आवाज उठाई थी। आजादी की लड़ाई में शहीद होने वाले एकमात्र कोतवाल थे। लेकिन पुलिस को इनके बारे में जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को एसएसपी ने सदर थाने जाकर निरीक्षण किया और थानेदार से कहा कि धनसिंह कोतवाल की प्रतिमा थाने में लगाओ।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि धनसिंह कोतवाल का क्षेत्र उत्तराखंड और उधर दिल्ली के बोर्डर तक था। आजादी के दौरान धनसिंह कोतवाल की अहम भूमिका थी। पुलिस का गौरव धनसिंह कोतवाली ने ही बढ़ाया। दो जेल तोड़कर करीब 700 भारतीय बाहर आए थे। अंग्रेजों के शासन में धनसिंह को फांसी दी। क्रांति दिवस पर पुलिस भी धनसिंह कोतवाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया करेगी। इसके लिए एसएसपी ने सदर थाने में उनकी प्रतिमा बनवाने की बात कही है। हालांकि सिविल लाइन थाने के पास धनसिंह कोतवाली की प्रतिमा लगी है। जहां पर एसएसपी ने जाकर माल्यार्पण किया।