मेरठ। यात्री सुरक्षा समिति (पीएसी) ने सिटी रेलवे स्टेशन पर शौचालय की हालत देखकर अधिकारियों को फटकार लगाई। समिति ने लापरवाही बरतने वाली रेलवे की आउट सोर्सिंग कंपनी पर 51 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। समिति ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान में लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यात्री सुरक्षा समिति के सीनियर सदस्य नागेश्वर नामजोशी और इरफान अहमद ने शनिवार को मेरठ रेलवे सिटी स्टेशन पर सुविधाओं को परखा। समिति के सदस्य इरफान अहमद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाने वाले को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही लोग खुले में शौच करने को मजबूर होते हैं। उन्होंने प्लेट फार्म नंबर पांच पर शौचालय का हाल देखकर नाराजगी जताई और आउट सोर्सिंग पर कंपनी के ठेकेदार को शौचालय के सुधार के लिए आदेश दिए। जांच के दौरान अधिकारी एस्केलेटर और लिफ्ट का हाल देखने पहुंचे। लिफ्ट तो चालू मिली, लेकिन एस्केलेटर बंद मिला। नागेश्वर नामजोशी पैदल ही एस्केलेटर से चढ़कर आए। इसके कुछ देर बाद अधिकारियों ने एस्केलेटर चालू कराया।समिति सदस्य कैंट स्टेशन पहुंचे। यहां भी पानी की कोई खास सुविधा नजर नहीं आई। वेटिंग हॉल में भी असुविधाएं मिलीं। शौचालय व बाथरूम की हालत बद से बदतर मिली। बाकी जगहों पर कूड़ों के ढेर मिले। इस पर टीम के सदस्यों ने स्टेशन अधीक्षक को जमकर फटकार लगाई।
अधिकारियों को फटकार लगाई
पीने के पानी की व्यवस्था को लेकर यात्री सुरक्षा समिति सदस्यों ने स्टेशन उपाधीक्षक श्याम सुदर को फटकार लगाई। जांच के दौरान पानी पीने के नल से तेज प्रेशर से पानी आ रहा था। जिससे पानी की छींटे कपड़ों पर आ रही थी। जिस पर इरफान अहमद ने स्टेशन उपाधीक्षक को पानी पीने को कहा। पानी के प्रेशर के कारण उपाधीक्षक पानी नहीं पी पाये। जिसके बाद अधिकारियों को लताड़ लगाई कि तुम पानी नहीं पी सकते तो यात्री कैसे पानी पीयेंगे। अधिकारियों को पानी की व्यवस्था को जल्द ठीक करने के आदेश दिए गए।
वाईफाई के नेटवर्क तो मिले पर नेट स्पीड शून्य मिली
रेलवे स्टेशन पर वाईफाई फ्री होने का विभाग का दावा भी हवा हवाई मिला। समिति के सदस्यों की मौजूदगी में भी वाईफाई नही चल रहा था। स्टेशन पर वाईफाई के नेटवर्क तो मोबाइल में आ रहे थे। लेकिन इंटरनेट की स्पीड शून्य मिली। इसकी शिकायत समिति सदस्यों को मिली तो अधिकारियों को वाईफाई सुविधा बेहतर बनाने के आदेश दिए गए।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने की जरूरत
सीनियर सदस्य नागेश्वर नामजोशी ने कहा कि ट्रेन की संख्या बढ़ाने से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने की जरूरत है। देश में ट्रेन बढ़ाने की मांग उठती है। स्टेशन की बुनियादी सुविधाएं को लेकर रेलवे कदम बढ़ा रहा है। जिससे सभी स्टेशन की सूरत बदलेगी। उन्होंने कहा बुलेट ट्रेन लाने से पहले रेलवे की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना होगा। वहीं सदस्यों ने सिटी स्टेशन की कैंटीन का जायजा लिया। कैंटीन में खाना खा रहे लोगों से सुविधाओं और स्वाद के बारे में पूछा गया। तो उन्होेंने खाना तो ठीक बताया।
यात्री सुरक्षा समिति सदस्य इरफान का मेरठ से खास नाता
यात्रा सुरक्षा समिति सदस्य इरफान अहमद का मेरठ से खास नाता रहा है। इरफान अहमद जिले के राधना गांव के मूल निवासी हैं। करीब 35 साल पहले वो दिल्ली के ओखला में जाकर रहने लगे। जहां से उन्होंने भाजपा में एक अहम सदस्य की भूमिका निभाई। इरफान अहमद भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। वो ओखला से विधान सभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं।
ये लोग रहे मौजूद
युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष विवेक वाजपेयी, भाजपा महानगर मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा, अखिलेश शास्त्री, ओमकार त्यागी, मनोज खाद्दर, वेद पांडेय, राकेश शर्मा, मनोज गोस्वामी, विजय गुप्ता, ज्ञानेंद्र त्यागी, दीपक शर्मा, शगुन शर्मा, नरेंद्र उपाध्याय, अल्पसंख्यक मोर्चा से नौशाद अहमद , दिलशाद अहमद, नासिर सैफी, नदीम उर रहमान, राजीव रस्तोगी, गिरीश अग्रवाल, पीयूष मित्तल, संजीव प्रधान, पंकज राजपूत, विनय वाल्मीकि, कुलदीप वाल्मीकि, आमिर अली, रवि चौधरी, रविंद्र, निशांत सेनीवाल आदि मौजूद रहे।
यात्री सुरक्षा समिति सदस्यों का यह औपचारिक निरीक्षण
यात्री सुरक्षा समिति सदस्य इरफान अहमद और नागेश्वर नाम जोशी देश में 200 रेलवे स्टेशन की जांच कर चुके हैं। उन्होंने लालू यादव के समय और पिछली सरकारों में रेलवे सुरक्षा को लेकर नीतियों का गलत बताया। शनिवार को सुरक्षा समिति सदस्यों के आने से पहले ही रेलवे स्टेशन पर साफ सफाई की गई।