आदेश पर आदेश, पर नहीं लगवाए सीसीटीवी कैमरे
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत आने वाले 393 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे और बायोमेट्रिक मशीन लगवाने के आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सात अप्रैल 2017 से लेकर कई बार इस संबंध में आदेशित किया जा चुका है। इसके अलावा 26 सितंबर को खुद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली वीडियो कांफ्रेंसिंग में निर्देशित किया गया, लेकिन हालात जस केतस रहे। 17 अक्तूबर को फिर आदेश आया कि एक सप्ताह में सीसीटीवी लगवा लें, लेकिन अभी तक सिर्फ 155 स्कलों में ही सीसीटीवी लगे हैं।
मेरठ में माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत 404 स्कूल हैं, इनमें से 11 स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें मान्यता मिले हुए एक या दो साल हुए हैं। लिहाजा इन स्कूलों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जिन विद्यालयों को मान्यता मिले हुए पांच साल या उससे ज्यादा हो चुके हैं, उन्हें ही इस दायरे में रखा गया है। दरअसल, यूपी बोर्ड की हाईस्कूूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए पहली बार केंद्रों का निर्धारण ऑनलाइन किया जाना है और सीसीटीवी लगाने जरूरी हैं। कई बार ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिनमें स्कूल प्रबंधन की कोई गलती नहीं होती, लेकिन सीसीटीवी न लगे होने केकारण उसकी भूमिका पर सवाल उठाए जाते हैं और इससे स्कूल की छवि धूमिल होती है। जिला विद्यालय निरीक्षक सरदार सिंह ने बताया कि कितने स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसकी जांच के लिए 12 टीमों का गठन किया गया था, जिसने रिपोर्ट सौंप दी है। जिन स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, उनकी खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
खास बात
माध्यमिक विद्यालय उड़ा रहे शासन केआदेशों की धज्जियां
393 में से सिर्फ 155 स्कूलों ने लगवाए गए हैं सीसीटीवी कैमरे