उम्र 55 साल, प्रिंसिपल बनने को अब उठाएंगे किताब
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने निकाली हैै नियुक्ति
31 जुलाई तक होंगे आवेदन, मेरठ से 50 से अधिक आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ।
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एडेड कॉलेजों में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए भर्ती निकाली है। ऑनलाइन आवेदन भरे जा रहे हैं। तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई की गई है। अहम बात यह है कि प्रिंसिपल बनने के लिए 55 साल से लेकर 58 साल तक के सीनियर शिक्षक लाइन में हैं। जिन्होंने पढ़ने और पढ़ाने से दूरी बना ली थी, वह अब प्रिंसिपल की परीक्षा पास करने के लिए किताब उठाएंगे। कार्यवाहक प्रिंसिपलों ने भी इसके लिए आवेदन किया है। चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर होगा। एपीआई को भी जोड़ा गया है।
एडेड कॉलेजों में प्रिंसिपल की नियुक्ति के लिए सालों बाद प्रक्रिया शुरू हुई है। अभी ऑनलाइन आवेदन फार्म भरे जा रहे हैं। जिनका अनुभव 15 साल का हो गया है, वह आवेदन कर रहे हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और एपीआई (एकेडमिक परफॉरमेंस इंडीकेटर) को लागू किया गया है। तीनों के आधार पर चयन होगा। एपीआई की शर्त बहुत से कार्यवाहक प्रिंसिपल पूरी नहीं कर पा रहे। मैनेजमेंट का समर्थन मिलने की वजह से वह कुर्सी पर जमे हैं। मेरठ के छह एडेड कॉलेजों से 50 से अधिक सीनियर शिक्षकों ने आवेदन किया है। इनमें कई कार्यवाहक प्रिंसिपल भी शामिल हैं। प्रशासनिक गतिविधि में सालों से शामिल होने और लापरवाही की वजह से कुछ तो ऐसे हैं जिन्होंने पढ़ना और पढ़ाना छोड़ दिया है। लेकिन प्रिंसिपल बनने के लिए अब पढ़ाई शुरू की है। परीक्षा पास करने के बाद ही प्रिंसिपल बन पाएंगे। शहर के एक कॉलेज के कार्यवाहक प्रिंसिपल का कहना है इस उम्र में परीक्षा की तैयारी कठिन काम है। प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने में पढ़ाई से दूरी हो जाती है। यह चिंता दूसरे प्रिंसिपल की भी है। जिनका पढ़ाई से टच कम हो गया, वह तैयारी को लेकर थोड़े परेशान हैं।