संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मेरठ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की रिक्त दुकानों पर नए विक्रेताओं की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे राशन वितरण व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जिले में कुल 31 उचित दर दुकानें निरस्त या रिक्त पड़ी हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों को नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि जिलाधिकारी कार्यालय से एक पत्र जारी हुआ है। इस पत्र के अनुसार, शासन स्तर पर रिक्त उचित दर दुकानों पर नियुक्ति की प्रगति की समीक्षा हो रही है। नियुक्ति प्रक्रिया में देरी से विभागीय कार्यों की रेटिंग भी प्रभावित हो रही है। पूर्व में भी उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई दुकानों पर नए विक्रेताओं की नियुक्ति नहीं हो सकी है। प्रशासन ने अधिकारियों को नियमानुसार नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
सरधना तहसील क्षेत्र में कई उचित दर दुकानें रिक्त या निरस्त हैं। इनमें सरधना ब्लॉक के नगला आर्डर, टेहरकी, कैली, शाहपुर पीरपुर और सहासा गांव शामिल हैं। सरूरपुर ब्लॉक के रतौली और नानू गांव की दुकानें भी सूची में हैं। दौराला ब्लॉक के जेवरी और पोहल्ली गांवों की दुकानों पर भी नियुक्ति लंबित है। रोहटा ब्लॉक की रिक्त दुकानों का विवरण भी विभागीय सूची में दर्ज है।
रिक्त दुकानों के कारण राशन कार्डधारकों को दूसरे विक्रेताओं से राशन लेना पड़ रहा है। उन्हें खाद्यान्न प्राप्त करने में काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कई शिकायतें भी सामने आई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय के पत्र में खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त के पत्र का भी हवाला है। इसमें जिले की ग्रामीण क्षेत्र की 31 रिक्त दुकानों पर नियुक्ति न होने का उल्लेख है।